नर्मदा के किनारे बसे जबलपुर में प्राकृृतिक सुंदरता बिखरी पड़ी है। घूमने वालों के लिए मनपसंद स्थलों में जबलपुर की खास जगह है।
भेड़ाघाट में चौसठ योगिनी के बीच गौरीशंकर मंदिर में शिवपार्वती नंदी पर विराजमान हैं। कहा जाता है कि शंकर की दृष्टि गौरी की तरफ है।
त्रिपुर सुंदरी मंदिर में विराजमान त्रिपुर सुंदरी के राजा कर्ण उपासक थे। वे उनकी कुलदेवी थीं। उनके आशीर्वाद से राज्य फला-फूला।
यह मंदिर देवी-भक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र है। यहां नवरात्र में भक्त उमड़ते हैं। वर्ष भर कोई न कोई आयोजन होता रहता है।
इस मंदिर को पाटबाबा के नाम से जाना जाता है। यहां कई सिद्ध संत साधना कर चुके हैं।
नर्मदा रोड, ग्वारीघाट में बादशाह हलवाई का प्रसिद्ध मंदिर है। इसके स्तंभों में देवी-देवताओं की मूर्तियां उत्कीर्ण हैं। पंचमुखी शिव अनूठे हैं।
भूतनाथ व अचलनाथ की टेकरी के बीच यह सुरम्य स्थल आकर्षित करता है। यहां भक्त रामचरित मानस अनवरत करते हैं।
चौसठ योगिनी के बीच गौरीशंकर मंदिर में शंकर की दृष्टि गौरी की तरफ है। इसके पीछे आक्रांताओं का आख्यान चर्चित है। जैसे ही प्रहार हुआ, शंकर ने गौरी की तरफ देखा था।