सोने से पहले अगर आप सरसों के तेल से पैर के तलवों की मालिश करते हैं, तो इससे आपकी आंखों की रोशनी तेज़ होगी और दिमाग़ को भी सुकून मिलेगा।
सरसों के तेल में मौजूद विटामिन्स जैसे थियामाइन, फोलेट और नियासिन शरीर के मेटाबाल्ज़िम को बढ़ावा देते हैं, जिससे वज़न कम करने में मदद मिलती है।
सरसों का तेल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का भी काम करता है। कमज़ोरी को दूर करने के लिए सरसों के तेल का नियमित रूप से सेवन करें। शरीर में मालिश करना भी फायदेमंद हो सकता है।
जोड़ों का दर्द हो या फिर कान में दर्द, सरसों के तेल का इस्तेमाल आपको आराम पहुंचा सकता है। आप इस तेल से जोड़ों की मसाज कर सकते हैं। कान के दर्द के लिए इसे गर्म कर कान में भी डाला जाता है।
अगर आपको भूख काफी कम या न के बराबर लगती है और इस वजह से आपका स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है, तो सरसों का तेल आपके लिए मददगार साबित हो सकता है। इसके सेवन से भूख बढ़ती है।
अगर आपके दांतों में दर्द रहता है, तो सरसों के तेल में नमक मिलाकर मसूड़ों पर हल्की मालिश करें। इससे दांतों का दर्द दूर हो जाएगा और उन्हें मज़बूती भी मिलेगी।
सरसों में पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है, जो अस्थमा से पीड़ित लोगों को काफी फायदा पहुंचाता है। सर्दी हो जाने पर भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
सरसों का तेल त्वचा के लिए भी बहुत अच्छा होता है। इसमें विटामिन-ई की अच्छी मात्रा पाई जाती है। इसके सेवन से त्वचा को पोषण तो मिलता ही है, साथ ही इससे मालिश करने से ड्राइनेस नहीं आती है।