शारदीय नवरात्रि के अंतिम दिन चल रहे हैं। अगले दो दिनों के अंदर अष्टमी और नवमी है। इस दिन मां दुर्गा की पूजा करने के बाद कन्या पूजन किया जाता है।
नौ दिन देवी दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करने के बाद व्रती व्रत का समापन करने के लिए पूजा करते हैं और कन्याओं को भोजन कराते हैं।
देवी दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए नवरात्रि के व्रत रखे जाते हैं। यदि आप माता रानी की कृपा पाने चाहते हैं तो व्रत का समापन शुभ मुहूर्त में करना चाहिए।
अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन होता है। दोनों दिन के अलग-अलग शुभ मुहूर्त होते हैं। आइए जान लेते हैं कि कन्या पूजन का शुभ समय कब से कब तक है।
ज्यादातर लोग इस बात को लेकर भी कंफ्यूज रहते हैं कि कितनी कन्याओं का पूजन करना शुभ होता है। अष्टमी और नवमी पर कम से कम नौ कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन खिलाना चाहिए।
हिंदी पंचांग के अनुसार, इस बार अष्टमी पर सर्वार्थ सिद्धि योग पड़ रहा है। कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 26 मिनट से लेकर शाम तक पूजन कर सकते हैं।
नवमी 23 अक्टूबर यानी सोमवार को है। इस दिन कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त 6 बजकर 26 मिनट से शुरू हो जाएगा। इसके बाद शाम को 5 बजकर 14 मिनट तक पूजन हो सकता है।
नवरात्रि को लेकर मान्यता है कि नौ दिनों के दौरान श्रद्धा भाव से मां दुर्गा की पूजा करके उन्हें प्रसन्न किया जा सकता है। साथ ही, माता रानी की कृपा से आपके सभी कार्य पूर्ण हो जाएंगे।