रत्नों का ज्योतिष शास्त्र में विशेष महत्व बताया गया है। आइए जानते है एक ऐसे रत्न के बारे में जिसे धारण करने से पहले कुछ खास बातें जानना अति आवश्यक होता है?
ज्योतिष की दृष्टि के हिसाब से रत्न को राशि के अनुसार ही धारण करना चाहिए। नीलम रत्न भी सबसे खास रत्नों में एक माना जाता है।
नीलम रत्न का संबंध न्याय के देवता शनिदेव से होता है। इसे धारण करने से गरीब से गरीब व्यक्ति भी राजा बन सकता है। नीलम रत्न को सही विधि से धारण न करने पर नुकसान भी हो सकता है।
नीलम रत्न मकर और कुंभ राशि वालों के लिए बेहद शुभ होता है। कुंडली में शनि के नीच होने पर नीलम रत्न को धारण करने की सलाह दी जाती है।
नीलम ग्रह धारण करने वाले कुंभ और मकर राशि के जातकों के स्वामी ग्रह शनि होती है। नीलम के साथ मूंग, मोती या माणिक नहीं पहनना चाहिए।
नीलम रत्न को पहनने से मानसिक और आर्थिक रूप से लाभ मिलता है। अवसाद की समस्या से पीड़ित जातकों के लिए यह रत्न बेहद प्रभावी होता है।
अगर नीलम रत्न धारण करना शुभ साबित हो जाए तो व्यक्ति को करियर या व्यापार में खूब सफलता मिलती है। इसे पहनने से सोचने की क्षमता भी विकसित होती है।
नीलम रत्न फायदेमंद न होने पर सिरदर्द, बेचैन और आंखों से संबंधित समस्या हो सकती है। 5 कैरेट के नीलम रत्न को एक नीले कपड़े में बांधकर तकिए के नीचे रख लें। यदि सोते समय अच्छे सपने आएं तो यह रत्न आपके लिए अच्छा है।