पौष माह का हिंदू धर्म में खास महत्व होता है। इस माह में पितरों को प्रसन्न करने के तमाम उपाय किए जाते है। आइए जानते है पौष माह में पितरों को प्रसन्न करने के उपायों के बारे में।
पौष माह में भगवान विष्णु और सूर्य देवता की आराधना का खास महत्व होता है। पौष माह में पितरों को प्रसन्न करने के लिए इन दोनों की पूजा करनी चाहिए।
पौष माह में सूर्य देव को खुश करने के लिए तांबे के दान का विशेष महत्व होता है। तांबे की वस्तु का दान करने से कुंडली में सूर्य दोष खत्म होता है।
सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए तांबे का दान शुभ माना जाता है। तांबे का दान करने से जीवन में कई कार्यों में सफलता मिलती है। तांबे के दान से कुंडली में मौजूद शनि दोष भी दूर होता है।
पौष माह में पितरों को प्रसन्न करने के लिए भगवान सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए। तांबे के पात्र में शुद्ध जल , जल में रोली, अक्षत, गुड़ और लाल रंग का फूल भी डाल सकते है।
सूर्य को प्रसन्न करने के लिए रविवार का व्रत रखना चाहिए। रविवार का व्रत रखने से समाज में आपका प्रभाव बढ़ता है और मान-सम्मान भी मिलता है।
पौष माह में श्रीहरि की आराधना करने से भी पितरों को शांति मिलती है। पौष माह में लक्ष्मीनारायण मंदिर में दर्शन करना चाहिए और गरीबों में दान भी करना चाहिए।
शुक्रवार के दिन पीपल के वृक्ष की भी पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से पारिवारिक समस्याएं दूर होती है। साथ ही, परिवार में सुख-शांति और खुशहाली का वातावरण बनता है।