हिंदू पंचांग के मुताबिक, भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन 30 और 31 अगस्त को है। राखी पर्व हर साल सावन माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है।
राखी पर्व पर बहनें भगवान विष्णु से भाई की तरक्की और उन्नति के लिए कामना भी करती हैं। साथ ही भाई भी अपनी बहन को गिफ्ट देते हैं।
पंडित चंद्रशेखर मलतारे के मुताबिक, महिलाओं को राखी खरीदते समय सावधानी रखनी चाहिए। कुछ राशियों शुभ नहीं मानी जाती है।
भाई की कलाई पर कभी भी खंडित राखी नहीं बांधना चाहिए। टूटी हुई राखी भाई की कलाई पर बांधना शुभ नहीं होता है। भाई के साथ कुछ बुरा हो सकता है।
भाई की कलाई पर देवी-देवताओं वाली राखी भी कभी नहीं बांधना चाहिए। ऐसा करने से देवताओं का अपमान होता है।
काली और नीली रंग की राखी भी कभी नहीं खरीदना चाहिए। ये दोनों ही रंग अशुभ माने जाते हैं।
प्लास्टिक की राखी को भी शुभ नहीं माना जाता है। भाई की कलाई पर कभी भी प्लास्टिक की राखी नहीं बांधना चाहिए।
आधे चक्र, क्रॉस के निशान, कार्टून वाली राखी भी नहीं लेना चाहिए। इन राखियों को शास्त्र के अनुरूप नहीं माना जाता है। ये राखियां भी अशुभ होती है।