किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा से की जाती है। आइए जानते है ऐसे चमत्कारी स्तोत्र के बारे में, जिसके पाठ से आसानी से लक्ष्य प्राप्ति हो जाएगी।
भगवान गणेश की पूजा के लिए बुधवार का दिन सबसे उत्तम माना जाता है। यदि किसी जातक की कुंडली में बुध ग्रह कमजोर है तो इस दिन गणेश जी की उपासना से भाग्य मजबूत होता है।
बुधवार के दिन बुध देव और भगवान गमेश की उपासना करने से स्मरण शक्ति तेजी होती है। इस दिन विधिवत पूजा पाठ करने से जीवन में उच्च पद की प्राप्ति भी होती है। बुधवार को बुध स्तोत्र और बुध कवच के पाठ का विशेष महत्व होता है।
पीताम्बर: पीतवपु किरीटी, चतुर्भुजो देवदु:खापहर्ता । धर्मस्य धृक सोमसुत: सदा मे, सिंहाधिरुढ़ो वरदो बुधश्च ।। प्रियंगुकनकश्यामं रूपेणाप्रतिमं बुधम । सौम्यं सौम्यगुणोपेतं नमामि शशिनन्दनम ।।
सोमसुनुर्बुधश्चैव सौम्य: सौम्यगुणान्वित: । सदा शान्त: सदा क्षेमो नमामि शशिनन्दनम ।। उत्पातरूपी जगतां चन्द्रपुत्रो महाद्युति: । सूर्यप्रियकरोविद्वान पीडां हरतु मे बुधं ।। शिरीषपुष्पसंकाशं कपिलीशो युवा पुन: ।
सोमपुत्रो बुधश्चैव सदा शान्तिं प्रयच्छतु ।। श्याम: शिरालश्चकलाविधिज्ञ:, कौतूहली कोमलवाग्विलासी । रजोधिको मध्यमरूपधृक स्या-दाताम्रनेत्रो द्विजराजपुत्र:।।
अहो चन्द्रासुत श्रीमन मागधर्मासमुदभव: । अत्रिगोत्रश्चतुर्बाहु: खड्गखेटकधारक: ।। गदाधरो नृसिंहस्थ: स्वर्णनाभसमन्वित: । केतकीद्रुमपत्राभ: इन्द्रविष्णुप्रपूजित: ।।
ज्ञेयो बुध: पण्डितश्च रोहिणेयश्च सोमज: । कुमारो राजपुत्रश्च शैशवे शशिनन्दन: ।। गुरुपुत्रश्च तारेयो विबुधो बोधनस्तथा । सौम्य: सौम्यगुणोपेतो रत्नदानफलप्रद: ।। एतानि बुधनामानि प्रात: काले पठेन्नर: । बुद्धिर्विवृद्धितां याति बुधपीडा न जायते ।।