भोजन करने से जुड़े कई नियम धार्मिक ग्रंथों में बताए गए हैं। इन नियमों का पालन न करने का बुरा असर व्यक्ति के स्वास्थ्य पर भी पड़ता है।
हिंदू धर्म में भोजन को पवित्र माना जाता है। इस वजह से खाना खाते समय जूते या चप्पल न पहनने की सलाह शास्त्रों में दी गई है।
अब सवाल उठता है कि जूते या चप्पल पहनकर खाना खाने से क्या होता है। बता दें कि ऐसा करने से शनि कुपित हो सकता है और आपको इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
बिस्तर पर बैठकर या जूते-चप्पल पहनकर खाना खाने से सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसकी वजह से आप कई बीमारियों की चपेट में भी आ सकते हैं।
जूते या चप्पल न पहनकर खाना खाने के पीछे वैज्ञानिक कारण भी है। दरअसल, जूते-चप्पल में गंदगी लगी होती हैं, जिसकी वजह से खाने में बैक्टीरिया पैदा हो सकते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, जूते-चप्पल पहनकर भोजन करने से मां अन्नपूर्णा भी नाराज हो जाती हैं। इससे बचने का विकल्प है कि नंगे पांव बैठकर ही खाना खाएं।
भोजन करना एक पवित्र कार्य होता है और इसी वजह से खाना खाने से पहले हाथ-पैर जरूर धो लें। ऐसा करने से हाथों में मौजूद गंदगी भी साफ हो जाएगी।
भोजन हमेशा नीचे बैठकर ही करना चाहिए। कुछ लोग बिस्तर या सोफा पर बैठकर खाना खाते हैं, लेकिन ऐसा करना सही नहीं होता है।