सावन का महीना शिव भक्तों के लिए बहुत खास है। इस माह में शिव जी अपनी कृपा बनाए रखते हैं। सावन में कुछ चीजों की मनाही होती है, जिससे जीवन में परेशानियों का सामना न करना पड़े। इस माह में ठंडी चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए। आइए जानते हैं कि सावन में क्यों नहीं खाना चाहिए साग और दही-
सावन में साग का सेवन इसलिए नहीं करना चाहिए क्योंकि भगवान शिव को प्रकृति से बेहद प्रेम है। ऐसे में साग को तोड़कर खाना शुभ नहीं माना जाता।
सावन मास में बारिश अधिक होने के कारण अनचाही जगहों पर घास उगने लगती है और कई तरह के कीड़े-मकोड़े उन पर रहते हैं। इन कारणों से भी साग नहीं खाना चाहिए।
दही और साग हमारी सेहत के लिए अच्छे होते हैं, लेकिन उन्हें बनाने के तरीके के कारण ये सात्विक भोजन में नहीं गिने जाते। ऐसा कहा जाता है कि सावन के महीने में भगवान शिव पर दूध, दही चढ़ाया जाता है। ऐसे में इस तरह की चीजों को खाने की मनाही होती है।
आयुर्वेद के अनुसार तामसिक आहार बुद्धि को दूषित करता है । आयुर्वेद के अनुसार तामसिक आहार से मन सुस्त ,भारीपन और भटकाव महसूस करता है । इस वजह से भी साग और दही नहीं खाना चाहिए।
दही बैक्टीरिया से तैयार होता है। ऐसे में इसे खाने से कई तरह की बीमारियों हो सकती है। इस वजहों से इस मौसम में दही और उससे बनी चीजों को नहीं खाना चाहिए।
सावन के महीने में मौसम में काफी नमी रहती है, जिससे कान और गले में इंफेक्शन का खतरा बना रहता है। ऐसे में इन माह में दही नहीं खाना चाहिए।
इन कारणों से सावन में नहीं खाना चाहिए साग और दही। एस्ट्रो से जुड़ी ऐसी ही अन्य खबरों के लिए पढ़ते रहें NAIDUNIA.COM