ज्योतिष में नौ ग्रहों का महत्व बताया गया है। शनि को जहां सबसे प्रभावशाली ग्रह माना जाता है, वहीं केतु एक प्रकार का छाया ग्रह है। आइए जानते है कैसे बनेगा षडाष्टक योग और इससे कौन होंगे लाभान्वित?
इस योग का प्रभाव शुभ और अशुभ दोनों होता है। इस योग के बनने के लिए कुंडली में दो ग्रह एक दूसरे के छठे और आठवें भाव में होने चाहिए।
शनि और राहु अगर किसी जातक के लिए अशुभ हो जाए तो व्यक्ति के जीवन पर बहुत ही ज्यादा नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अगर कुंडली में दोनों ग्रह मजबूत हो तो व्यक्ति का जीवन सकारात्मकता से भरा हुआ रहता है।
साल 2024 में शनि और केतु द्वारा षडाष्टक योग का निर्माण कुछ राशियों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा। जिन पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा वो मालामाल हो जाएंगी।
कन्या राशि के जातकों को इस योग के बनने से हर कार्य में सफलता मिलने के आसार है। साथ ही, जीवन में आ रही परेशानियों में भी खत्म हो सकती है।
तुला राशि वालों षडाष्टक योग के बनने से सौभाग्य की प्राप्ति होगी। इस राशि के जातकों को नई नौकरी ढूंढने और पाने में मदद मिलेगी। मान-सम्मान के साथ-साथ आय में बढ़ोतरी के स्रोत भी बनेंगे।
मिथुन राशि के लिए भी यह योग बेहद लाभकारी सिद्ध होगा। इस योग के चलते मिथुन राशि के जातकों को नौकरी के नए अवसर मिलेंगे। साथ ही, करियर में सफलता भी मिल सकती है।
सिंह राशि के जातकों को षडाष्टक योग से बिजनेस में लाभ होने वाला है। साथ ही, धन- धान्य में भी तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है।