शनि देव को कलयुग में न्यायकर्ता का दर्जा दिया गया है। उनके पास अच्छे और बुरे कर्म करने वाले लोगों को सजा देने का पूरा अधिकार है।
बता दें कि शनि देव को तिल, तेल अथवा काला रंग अति प्रिय है। आपने अपने पास मंदिरों में लोगों को इन चीजों को अर्पित करते हुए देखा ही होगा।
लेकिन इसके बारे में क्या आप जानते हैं कि इसका रहस्य क्या है? आइए आज हम आपको शनि देव से जुड़े कुछ रहस्य के बारे में विस्तार से बताते हैं।
ऐसी मान्यता है कि सूर्य राजा, बुध मंत्री, मंगल सेनापति, शनि न्यायधीश और राहु केतु प्रशासक हैं। कोई समाज में अपराध करता है तो शनि ही उसे सजा देते हैं।
वहीं, राहु और केतु भी दंड के लिए सक्रिय हो जाते हैं। शनि देव की अदालत में दंड पहले दिया जाता है और बाद में उसके ऊपर मुकदमा चलता है।
वहीं, राहु और केतु भी दंड के लिए सक्रिय हो जाते हैं। शनि देव की अदालत में दंड पहले दिया जाता है और बाद में उसके ऊपर मुकदमा चलता है।
शनि मंदिर में पूजा करने जब भी आप जाएं तो प्रतिमा के सीधे में खड़े होकर पूजा न करें। साथ ही उनकी प्रतिमा को भी घर में स्थापित न करें।
ऐसी मान्यता है कि जब भी शनि की टेढ़ी नजर किसी के ऊपर पड़ती है तो उसी समय से उसका बुरा समय शुरू हो जाता है। आखिर क्यों लोग शनि की प्रतिमा से डरते हैं।
बता दें कि जब हनुमान जी से शनि देव की लड़ाई हो गई थी जिसके कारण उन्हें घाव हो गया था। उसके बाद हनुमान जी ने शनिदेव को तेल दिया। शनि देव ने कहा कि जो मेरे ऊपर तेल अर्पित करेगा मैं उसे दुख नहीं दूंगा।