साढ़ेसाती दोष से मुक्ति दिलाएगी शनिवार की व्रत कथा


By Shivansh Shekhar09, Dec 2023 06:10 AMnaidunia.com

शनिवार का दिन

शनिवार का दिन न्याय के देवता भगवान शनि देव को समर्पित है। शनिदेव को कर्मफल दाता के नाम से भी जाना जाता है जो कर्मों के अनुसार फल देते हैं।

शनि की दशा शुभ

यदि जातकों की कुंडली में शनि की दशा शुभ हो तो वह व्यक्ति खुब तरक्की करता है। वहीं, शनि पीड़ित हों तो दुखों का पहाड़ भी टूटने लगता है।

शनि की सदैव कृपा

ऐसे में हरेक व्यक्ति के मन में यह होता है कि उनके ऊपर शनि देव की कृपा बनी रहे। शनि को प्रसन्न करने के लिए शनिवार का व्रत काफी शुभ माना गया है।

कई पीड़ाओं से मुक्त

शनि देव का यह व्रत करने से सारे दुख, संकट, पीड़ा दूर हो जाते हैं। घरों के अंदर सुख शांति और समृद्धि आती है। आइए इसकी कथा और पूजन विधि के बारे में जानते हैं।

कुंडली करें मजबूत

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनि व्रत करने से व्यक्ति अपनी कुंडली में पीड़ित शनि ग्रह को मजबूत कर सकता है। जिसके ऊपर शनिदेव की कृपा होती है उसे सफल होने से कोई नहीं रोकता है।

ऐसी है व्रत कथा

एक समय की बात है एक राजा के ऊपर बनाई गई है जो अपने कर्मों के हिसाब से चीजों को पाता है। इससे उसके कई दुख दूर होते हैं।

क्या करना होगा?

इस दिन सुबह उठकर स्नान करें और उसके बाद स्वच्छ कपड़े पहनें। इसके बाद पीपल वृक्ष के पास जाकर जल अर्पित करें।

पंचामृत से स्नान

सुबह लोहे से निर्मित शनिदेव की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान कराएं। इसके बाद मूर्ति को चावलों से बनाए गए चौबीस दल के कमल पर स्थापित करें।

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