हिंदू धर्म में नवरात्रि पर्व का महत्त्व कई गुना अधिक होता है। सनातन धर्म में साल में 4 बार नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है।
इसमें से शारदीय नवरात्रि और चैत्र नवरात्रि का काफी ज्यादा मान्यता है, वहीं 2 गुप्त नवरात्रि मनाई जाती है।
धार्मिक मान्यता के मुताबिक, नवरात्रि के दौरान 9 दिनों तक माता रानी के अलग-अलग रूपों की विधि विधान से पूजा की जाती है।
इस बार शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 15 अक्टूबर 2023 से होने जा रही है। मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए 9 दिनों तक अलग-अलग भोग अवश्य लगाएं।
पहले दिन मां शैलपुत्री को कलाकंद का भोग लगाएं। वहीं दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी को चीनी से तैयार पंचामृत का भोग लगाना ना भूलें।
पहले दिन मां शैलपुत्री को कलाकंद का भोग लगाएं। वहीं दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी को चीनी से तैयार पंचामृत का भोग लगाना ना भूलें।
तीसरे दिन मां चंद्रघंटा को दूध से बनी बर्फी का भोग, चौथे दिन कुष्मांडा को मालपुए का भोग और पांचवें दिन स्कंदमाता को केले का भोग लगाएं।
छठे दिन मां कात्यायनी को पान का भोग लगाना न भूलें, वहीं सातवें दिन माता काली को गुड़ की बनी मिठाई का भोग लगाएं।
आठवां दिन माता महागौरी को नारियल से बनी मिठाई का भोग लगाएं और नवें यानी आखिरी दिन मां सिद्धिदात्री को सूजी, हलवा पूरी और काले चने के भोग लगाएं।