हिंदू धर्म में पूजा में प्रसाद चढ़ाने की विशेष मान्यता होती है। आज हम आपको बताएंगे भगवान पास पूजा के बाद प्रसाद क्यों नहीं छोड़ना चाहिए?
देवी-देवता के पूजा पाठ के दौरान प्रसाद चढ़ाने की परंपरा रही है। भगवान को विभिन्न प्रकार के व्यंजन प्रसाद में चढ़ाए जाते हैं। साथ ही, 56 भोग और माखन मिश्री का भोग भी लगाया जाता है।
पूजा के बाद भगवान के पास प्रसाद छोड़ना धार्मिक शास्त्रों में भी अशुभ बताया गया है। ऐसा करने से ईश्वर आपसे नाराज भी हो सकते है।
पूजा के संपन्न होने के तुरंत बाद अगर आप भगवान के पास से प्रसाद नहीं हटाते तो आपकी किस्मत आपसे रूठ जाएगी।
भगवान के पास भोग अर्पित करने के बाद वापस न लेने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। पूजा के पश्चात प्रसाद को भगवान के पास से उठा लेना चाहिए और पूरे परिवार में बांट देना चाहिए।
पूजा के बाद भगवान के पास प्रसाद छोड़ने से चण्डेश्वर, चांडाली, विश्वक्सेन और चण्डेश्वर जैसी नकारात्मक शक्तियां आ जाती है।
भगवान के पास कभी भी प्रसाद जमीन पर या सीधे नहीं चढ़ाना चाहिए। हमेशा भगवान को प्रसाद चांदी, पीतल और स्टील जैसे धातु के पात्रों में चढ़ाएं।
भगवान को हमेशा सात्विक चीजों का ही प्रसाद चढ़ाना चाहिए। प्रसाद के साथ-साथ भगवान के पास हमेशा जल भी अवश्य रखें।