भगवान शिव की कृपा पाने के लिए लोग उनकी हर दिन पूजा करते हैं। वह रोजाना शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं और इस जल को सभी परिवार के लोग पीते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि क्या शिवलिंग पर चढ़ाया जल पीना चाहिए-
शिवलिंग पर चढ़े हुए जल को चरणामृत के समान माना जाता है। ऐसे में इस जल को प्रसाद के रूप में ग्रहण कर सकते हैं। शिवलिंग का जल पीने से व्यक्ति को कई प्रकार के रोगों से मुक्ति मिलती है।
उत्तर दिशा की ओर मुंह करके एक लोटा जल शिवलिंग में चढ़ाएं। इस दिशा में जलहरी होता है। इस दिशा में जल चढ़ाने से रोग-दोष से मुक्ति मिल जाती है और यह जल पीना शुभ माना जाता है।
ऐसा कहा जाता है कि शिवलिंग पर चढ़े हुए जल या फल को खाने से इंसान की सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। शिव जी की कृपा भी बनी रहती है।
भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग पर शाम के समय जल अर्पित करना अशुभ माना जाता है। शिवलिंग पर सुबह 5 बजे से 11 बजे के बीच जल अर्पित करना शुभ होता है।
ऐसा कहा जाता है कि शिव जी को तांबे के लोटे से जल देना चाहिए। इसे शुभ माना जाता है और शिव जी प्रसन्न भी जल्दी होते हैं। रोजाना इस लोटे से जल देने से सारे कष्टों से छुटकारा मिलता है।
भोले को दूध अति प्रिय है, इसलिए शिवलिंग पर इसे चढ़ाया जाता है। ऐसा भी माना जाता है कि शिवलिंग पर दूध चढ़ाने से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है और इसे पीने से शिव जी की कृपा प्राप्त होती है।
इन वजहों से शिवलिंग पर चढ़ाया जल पीना चाहिए। एस्ट्रो से जुड़ी ऐसी ही अन्य खबरों के लिए पढ़ते रहें NAIDUNIA.COM