आज के जमाने में बच्चों से लेकर बड़ो तक हर किसी को स्ट्रेस की समस्या होती है। आइए जानते हैं कि कैसे पहचाने की आपकी बच्चा स्ट्रेस में है।
बच्चे संभालना पेरेंट्स के लिए किसी टास्क से कम नहीं होता है। बच्चा सीधा हो तो उसे तेज बनाने से लेकर गुस्सैल बच्चे को संभालने तक की जिम्मेदारी पेरेंट्स की ही होती है।
तनाव में होने पर बच्चे को नींद में बुरे सपने आते है। ऐसे में वह डरकर चिल्लाना, रोना शुरू कर सकता है। बच्चों की समस्याओं पर बात करें और उन्हें संबोधित करें।
अगर अचानक आपके बच्चे के व्यवहार में चिड़चिड़ापन आने लगा है तो यह भी स्ट्रेस का संकेत हो सकता है। बच्चे से बात कर उसे सामान्य करने की कोशिश करनी चाहिए।
टेंशन में होने पर बच्चे पढ़ाई में ध्यान नहीं लगा पाते। ऐसे में स्टडी में फोकस न कर पाने पर उनके एकेडमिक रिजल्ट पर भी इसका असर पड़ सकता है। इस स्थिति में मां-बाप को अपने बच्चे के स्ट्रेस को जानना चाहिए।
स्ट्रेस में होने पर बच्चे को सोशल कनेक्ट कम होने लगता है। वह अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से दूरियां बना लेता है। स्ट्रेस से परेशान बच्चा किसी से भी मिलना-जुलना पसंद नही करता है।
बच्चा अगर हर छोटी बात पर गुस्सा होने लगे या ओवररिएक्ट करें, तो यह भी उसके अंदर स्ट्रेस का संकेत हो सकता है। इसे इग्नोर किए बिना उसकी उदासी को जानने की कोशिश करें।
बच्चें का खानपान पर ध्यान न देना या जरूरत से ज्यादा खाना भी स्ट्रेस का संकेत हो सकता है। अगर उसके डाइट रूटीन में बदलाव आ रहा हैं तो इसकी वजह स्ट्रेस हो सकता हैं।