ये हैं इंदौर के 200 साल से भी ज्यादा पुराने पेड़


By Hemraj Yadav11, Jun 2023 04:14 PMnaidunia.com

250 साल पुराना बरगद

संवाद नगर में एक विशाल बरगद का पेड़ है। बताते हैं यह 250 साल से भी ज्यादा पुराना है। इसने 1857 की क्रांति, अंग्रेजों के जुल्म, आजादी की लड़ाई और आज का विकास सभी कुछ देखा है।

210 साल पुराना बरगद

गांधी हॉल स्थित कमिश्नर कार्यालय में 210 साल पुराना बरगद का पेड़ है। इसका आकर इतना परिपूर्ण है कि इसे मप्र शासन के आधिकारिक लोगों में अंकित किया गया है। बताते हैं कि यह वही पेड़ है।

200 साल पुराना नीम का पेड़

एमवाय अस्पताल के पास 200 वर्ष से भी पुराना नीम का पेड़ है। सन् 1857 की क्रांति के बाद की पहली फांसी इंदौर में ही हुई थी। इसी पेड़ पर अमझेरा के राजा राणा बख्तावरसिंह राठौर को फांसी दी गई थी।

रेसीडेंसी का पेड़

बरगद का एक पेड़ रेसीडेंसी कोठी में आज भी खड़ा है। इसकी मजबूत शाखाओं पर अपने ही वतन के होलकर सेना के प्रसिद्ध तोपची सदाअत खान को 1874 में अंग्रेजों ने फांसी दी थी।

गांधीजी ने लगाया था पौधा

इंदौर के एग्रीकल्चर कॉलेज के गेट पर 1935 में महात्मा गांधी ने अपने प्रवास के दौरान नीम के दो पौधे लगाए थे। अब वे विशाल पेड़ का रूप ले चुके हैं।

मांडू की इमली वाला बाओबाब पेड़

इंदौर के होलकर कॉलेज में बाओबाब यानी मांडू की इमली वाला अद्भुत पेड़ है। यह मूलत: मेडागास्कर, अफ्रीकी या ईरानी कहा जाता है। ये पेड़ मानव सभ्यता से भी पुराने कहे जाते हैं।

नागलिंगम् पेड़

दक्षिण भारत में पाया जाने वाला 100 साल से भी पुराना नागलिंगम्‌ पेड़ मनोरमागंज में है। इसकी पहचान यह है कि इस पर शिवलिंग पर फन फैलाए बैठे सांप के आकार के फूल इसके तने में लगते हैं।

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