हिंदू धर्म में तुलसी का बड़ा महत्व होता है। हर घर के अंदर तुलसी का पौधा जरूर लगा मिल जाएगा। शास्त्रों में भी तुलसी का विशेष महत्व बताया है।
तुलसी दो तरह की होती है रामा और श्याम तुलसी। आइए जानते हैं इन दोनों तुलसी में क्या अंतर है। साथ ही घर में कौन सी तुलसी लगाना शुभ मानी जाती है।
श्यामा तुलसी के पत्ते गहरे हरे रंग या बैंगनी रंग के होते हैं। श्यामा तुलसी भगवान श्रीकृष्ण को बेहद पसंद थी। कहा जाता है कि इसके पत्ते श्रीकृष्ण के रंग के समान होते हैं।
वहीं श्री कृष्ण का एक नाम श्याम भी है इसलिए इस तुलसी को श्यामा के नाम से जाना जाता है। रामा तुलसी की तरह इसके पत्तों में मीठापन नहीं होता।
रामा तुलसी के पत्ते हरे रंग के होते हैं। माना जाता है कि श्री राम को रामा तुलसी अति प्रिय थी इसलिए इसे रामा तुलसी के नाम से जाना जाता है।
रामा तुलसी और श्यामा तुलसी को चख कर भी पहचाना जा सकता है। रामा तुलसी खाने में थोड़ी मीठी लगती है जबकि श्यामा तुलसी का टेस्ट थोड़ा कड़वा होता है।
शास्त्रों के अनुसार रामा और श्यामा दोनों तुलसी का अपना महत्व है। दोनों को घर में लगाया जा सकता है। ज्यादातर घरों में रामा तुलसी का प्रयोग किया जाता है। इससे तरक्की के रास्ते खुलते हैं।