भगवान शिव को बेलपत्र चढ़ाने का ये है सही नियम


By Sandeep Chourey09, Jun 2023 08:29 AMnaidunia.com

बेलपत्र का महत्व

भगवान शिव की पूजा के दौरान बेलपत्र चढ़ाने का विशेष महत्व का होता है। बेलपत्र भगवान शिव को अति प्रिय है।

तीन पत्तियों है त्रिनेत्र

बेल के पेड़ की पत्तियों में एक साथ 3 पत्तियां होती है, जिन्हें 1 ही पत्ती माना जाता है। बेल पत्र के तीनों पत्ते त्रिनेत्र स्वरूप भगवान शिव के तीनों नेत्रों को विशेष प्रिय है।

पूरी होती है मनोकामना

धर्म ग्रंथों में शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने की विधि बताई गई है। पौराणिक मान्यता है कि नियमानुसार बेलपत्र अर्पित करने से शिव जी की मनोकामना पूरी करते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

बेल की पत्तियां कटी फटी न हों। बेलपत्र में चक्र और वज्र नहीं होना चाहिए। बेल पत्र में चक्र या वज्र हो तो ऐसी पत्तियों को खंडित माना जाता है।

बार-बार चढ़ा सकते हैं

बेल की पत्तियां जिस तरफ से चिकनी होती हैं, उसी तरफ से शिवलिंग पर चढ़ाना चाहिए। एक ही बेलपत्र को पानी से धो कर बार-बार चढ़ा सकते हैं।

धर्मग्रंथों में जिक्र

‘बिल्वाष्टक और शिव पुराण के मुताबिक भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है। स्कंद पुराण में बेलपत्र के महत्व बताया गया है।

वैभव की प्राप्ति

बेलपत्र चढ़ाने से सुख के साथ घर में वैभव और धन भी आता है। आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ता।

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