सैचुरेटेड फैट कोलेस्ट्राल के स्तर को बढ़ा सकता है। इसलिए रेड मीट और फुल फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स का परहेज करें।
ट्रांस फैट हृदय स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके लिए रिफाइंड आयल से बचना चाहिए। तला-भुना खाने से परहेज करें।
ओमेगा-3 फैटी एसिड कोलेस्ट्राल के स्तर को प्रभावित नहीं करता है। साथ ही ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल में रखता है।
फाइबर प्रोडक्ट का सेवन करने से कोलेस्ट्राल के स्तर को कंट्रोल में लाने में मदद मिल सकती है।
नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से भी कोलेस्ट्राल के स्तर में सुधार हो सकता है। इससे आपका हृदय स्वास्थ्य में सुधार होगा।
अधिक वजन को कोलेस्ट्राल बढ़ने का एक मुख्य कारण माना जाता है। डाइट और एक्सरसाइज की मदद से वजन को सामान्य कर सकते हैं।
धूम्रपान और एल्कोहल को छोड़ने से गुड कोलेस्ट्राल के स्तर में सुधार हो सकता है। इससे हृदय और फेफड़ों के कार्य में भी सुधार होगा।