जब भी किसी की शादी होती है, तो सबसे पहले वर और वधु के जन्म कुंडली में मांगलिक को देखा जाता है।
कुंडली में मांगलिक होना अशुभ माना जाता है। अगर लड़का और लड़की में से किसी एक के कुंडली मांगलिक दोष पाया जाता है, तो शादी नही होती है।
अपने अक्सर शादी विवाह के समय देखा होगा कि लोग कुंडली में मांगलिक दोष को देखते है। आइए जानते है मांगलिक दोष कितने प्रकार के होते है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जन्म कुंडली में तीन प्रकार के मांगलिक दोष पाए जाते है। इन सभी के अलग- अलग प्रभाव होते है।
जब किसी जातक की जन्म कुंडली में मंगल ग्रह 1, 4, 7, 8 और 12वें भाव में किसी भाव में होता है। ऐसी कुंडली सामान्य मांगलिक कहलाती है।
किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में मंगल 1, 4, 7, 8, 12वें भाव में होने के साथ नीच कर्क राशि का हो। तब मंगल का दुष्प्रभाव बढ़ जाता है।
जब किसी जातक की जन्म कुंडली में मंगल 1, 4, 7, 8 12वें भाव में होने के साथ नीच राशि कर्क का हो।