किसी भी घर की ऊर्जा का केन्द्र होता है उसका किचन। वास्तु शास्त्र में इसे लेकर कई तरह के नियम बताये गये हैं।
वास्तु में किचन की साफ-सफाई के अलावा इसकी दीवारों के रंग के भी नियम दिये गये हैं। इसके लिए कुछ रंग अच्छे नहीं माने जाते।
वास्तु के अनुसार, रसोई या उसके आसपास नीला, काला, गहरा ग्रे और बैंगनी रंग का इस्तेमाल बिल्कुल भी न करें।
किचन के लिए ये रंग अच्छे नहीं माने जाते हैं। इससे आपकी रसोई और आपके घर के आसपास की सकारात्मक एनर्जी प्रभावित हो सकती है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार नारंगी, भूरा, सफेद, पीला और हरा रंग आपके किचन के लिए सबसे अच्छे रंग होते हैं।
ये रंग भूख को बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। किचन में अलमारी, स्लैब आदि बनवाने में भी इन्हीं रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए।
आजकल रसोई घरों में अक्सर काले पत्थर का इस्तेमाल होता है, लेकिन ये मानसिक अशांति और बीमारी को बढ़ावा देता है।
काला रंग रसोई के लिए बिलकुल भी ठीक नहीं रहता है। अगर स्लैब हटा नहीं सकते, तो गैस के चूल्हे के नीचे हरा या पीला पत्थर रख दें।