16 साल तक चलने वाली गुरु की महादशा का क्या प्रभाव पड़ता है?


By Shivansh Shekhar03, Apr 2024 01:00 PMnaidunia.com

गुरु की महानता

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के गुरु बृहस्पति को सुख, समृद्धि, संपन्नता, ऐश्वर्य, विलासिता, प्रेम, रोमांस का कारक माना जाता है। इस ग्रह का प्रभाव सही होना जरूरी है।

कुंडली में गुरु मजबूत

ऐसी मान्यता है कि जिन जातकों की कुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति मजबूत होती है उनके जीवन में सुख समृद्धि और रोमांस की कमी नहीं होती है।

गुरु की महादशा

गुरु ग्रह की तरह ही उनकी महादशा को बेहद ही शुभ माना जाता है। जिस भी व्यक्ति के जीवन में शुक्र की महादशा आ जाती है उसके हर बिगड़े काम बन जाते हैं।

गुरु की महादशा खराब

वहीं, जिन लोगों के जीवन में शुक्र योग नहीं होता है उन्हें कठिनाइयों और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। आइए जानते हैं इसके क्या प्रभाव दिखते हैं।

महादशा में अंतर्दशा

गुरु ग्रह की महादशा के दौरान शनि और राहु ग्रह की अंतर्दशा भी चलती है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के हिसाब से शुक्र की महादशा के दौरान आने वाली इस अंतर्दशा का अलग फल मिलता है।

क्या है उपाय?

यदि कुंडली में शुक्र नीच में है तो हर गुरुवार को व्रत रखें। साथ ही भगवान विष्णु की विधिवत् पूजन करें और उन्हें खीर का भोग भी लगाएं।

ये करना न भूलें

गुरुवार के दिन चिटियों को आटा और चीनी खिलाना चाहिए। शुक्रवार के दिन ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः का 108 बार जाप करना चाहिए।

डिसक्लेमर

इस लेख में दी गई सभी जानकारियां एक सामान्य मान्यताओं पर आधारित है जिसकी हम अपनी तरफ से कोई भी पुष्टि नहीं करते हैं।

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