फाल्गुन माह की विनायक चतुर्थी 23 फरवरी को है। इस दिन गणपति का जन्म हुआ था। इसे गणेश जयंती भी कहते हैं।
विनायक चतुर्थी के दिन हल्दी की पांच गांठें लें और 'श्री गणाधिपत्ये नम:' मंत्र का उच्चारण करते हुए गणेशजी को चढ़ाएं।
इस दिन 108 दूर्वा में गीली हल्दी लगाकर 'श्री गजवकत्रम नमो नम:' का जाप करते हुए गणपति को चढ़ाएं। धन का अभाव नहीं रहेगा।
गणपति को पान के पत्ते में सिंदूर लगाकर तिलक लगाएं और गजानन के चरणों से सिंदूर लेकर अपने माथे पर लगाएं।
बाल गणपति को 5 लौंग और 5 इलायची चढ़ाएं। फिर अगले दिन इन्हें हरे कपड़े में बांधकर अपने पास रख लें।
विनायक चतुर्थी पर गणपति को चौकोर चांदी का टुकड़ा चढ़ाएं। घर में चल रहा संपत्ति का विवाद खत्म होगा और प्रेम बढ़ेगा।