लिवर सही से काम न करे तो पाचन तंत्र गड़बड़ा जाता है, जिससे पेट में गैस, जलन और अपच जैसी समस्याएं बार-बार होने लगती हैं।
एक बड़ा संकेत होता है आंखों और त्वचा का पीला पड़ जाना, जिसे पीलिया कहा जाता है। ये इस बात का संकेत है कि लिवर सही से बिलीरुबिन को प्रोसेस नहीं कर पा रहा।
भूख कम लगने लगती है और वजन तेजी से घटने लगता है, क्योंकि लिवर की गड़बड़ी से शरीर पोषण ठीक से नहीं ले पाता।
लिवर खराब होने पर पेट के दाहिने हिस्से में दर्द हो सकता है, खासकर जब सूजन बढ़ती है तो यह दर्द और असहजता अधिक हो जाती है।
लिवर अगर टॉक्सिन्स फिल्टर न कर पाए तो वे खून में जाने लगते हैं, जिससे दिमाग पर असर होता है और भ्रम, चक्कर या मानसिक कमजोरी होने लगती है।
कई बार लिवर डैमेज होने पर पैरों और पेट में सूजन आ जाती है, क्योंकि शरीर में पानी और नमक का संतुलन बिगड़ जाता है।
पेशाब का रंग गहरा हो सकता है और मल का रंग हल्का या सफेद जैसा दिखने लगता है। ये भी लिवर के खराब होने के लक्षणों में आते हैं।
अगर समय रहते इलाज न हो तो लिवर सिरोसिस या लिवर फेलियर जैसी गंभीर स्थिति आ सकती है, जिसमें लिवर पूरी तरह से काम करना बंद कर देता है।