नारंगी सिंदूर का क्या महत्व होता है?


By Ayushi Singh10, Jun 2024 03:00 PMnaidunia.com

हिंदू धर्म में शादी विवाह के समय में लाल रंग के सिंदूर का इस्तेमाल किया जता है। लेकिन, कहीं-कहीं नारंगी सिंदूर का भी इस्तेमाल होता है और इसका महत्व भी ज्‍यादा है। आइए इसके बारे में जानें-

धार्मिक महत्व क्या है?

नारंगी रंग जीवन की रोशनी को दर्शाता है। किसी भी धार्मिक काम के लिए नारंगी रंग का इस्तेमाल शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

सूर्य का प्रतिनिधित्व

नारंगी एक पवित्र रंग है जो अग्नि और सूर्य का प्रतिनिधित्व करता है। इसलिए, सोलह श्रृंगार में इस सिंदूर को चढ़ाया जाता है।

बुरी शक्तियां होती हैं दूर

ज्‍योतिष शास्‍त्र के अनुसार, नारंगी रंग जीवन से बुरी शक्तियों को दूर करता है और इस रंग का सिंदूर लगाने से सुहाग के स्वास्थ्य की रक्षा होती है।

बढ़ता है सौभाग्य

जब दूल्हा-दूल्हन की मांग में सिंदूर लगाता है, तब सौभाग्य मिलता है और इसके कई प्रतीकात्मक अर्थ भी हैं।

कब तक लगाया जाता है नारंगी सिंदूर

पति की लंबी उम्र की कामना का लिए इस सिंदूर को शादी के बाद सवा महीने तक लगाना जरूरी होता है। कुछ जगहों पर 1 साल तक भी लगाया जाता है।

व्रत में इस सिंदूर के प्रयोग

नारंगी रंग के सिंदूर का इस्तेमाल व्रत में महिलाएं करती है, क्योंकि इससे वह पति की लंबी उम्र की कामना करती है।

किन जगह पर प्रयोग होता है

इस सिंदूर का इस्तेमाल उत्तर प्रदेश, बिहार आदि जगहों पर होता है और सारे पूजा पाठ में इसका प्रयोग करते हैं।

अब तो आपको नारंगी सिंदूर का महत्व समझ आ गया होगा। एस्‍ट्रो से जुड़ी ऐसी ही अन्य खबरों के लिए पढ़ते रहें NAIDUNIA.COM

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