हिंदू धर्म में शादी विवाह के समय में लाल रंग के सिंदूर का इस्तेमाल किया जता है। लेकिन, कहीं-कहीं नारंगी सिंदूर का भी इस्तेमाल होता है और इसका महत्व भी ज्यादा है। आइए इसके बारे में जानें-
नारंगी रंग जीवन की रोशनी को दर्शाता है। किसी भी धार्मिक काम के लिए नारंगी रंग का इस्तेमाल शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
नारंगी एक पवित्र रंग है जो अग्नि और सूर्य का प्रतिनिधित्व करता है। इसलिए, सोलह श्रृंगार में इस सिंदूर को चढ़ाया जाता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नारंगी रंग जीवन से बुरी शक्तियों को दूर करता है और इस रंग का सिंदूर लगाने से सुहाग के स्वास्थ्य की रक्षा होती है।
जब दूल्हा-दूल्हन की मांग में सिंदूर लगाता है, तब सौभाग्य मिलता है और इसके कई प्रतीकात्मक अर्थ भी हैं।
पति की लंबी उम्र की कामना का लिए इस सिंदूर को शादी के बाद सवा महीने तक लगाना जरूरी होता है। कुछ जगहों पर 1 साल तक भी लगाया जाता है।
नारंगी रंग के सिंदूर का इस्तेमाल व्रत में महिलाएं करती है, क्योंकि इससे वह पति की लंबी उम्र की कामना करती है।
इस सिंदूर का इस्तेमाल उत्तर प्रदेश, बिहार आदि जगहों पर होता है और सारे पूजा पाठ में इसका प्रयोग करते हैं।
अब तो आपको नारंगी सिंदूर का महत्व समझ आ गया होगा। एस्ट्रो से जुड़ी ऐसी ही अन्य खबरों के लिए पढ़ते रहें NAIDUNIA.COM