चाणक्य नीति से तो लगभग हर कोई परिचित है। आज हम आपको बताएंगे चाणक्य के बारे में?
चाणक्य एक प्राचीन भारतीय बहुश्रुत थे जो एक लेखक, शिक्षक, कूटनीतिज्ञ, दार्शनिक, रणनीतिकार, अर्थशास्त्री, न्यायविद और शाही सलाहकार के रूप में सक्रिय थे।
आचार्य चाणक्य को उनका नाम गुरु चणक से प्राप्त हुआ था। चाणक्य मौर्य साम्राज्य की नींव में प्रमुख भूमिका निभाने के लिए भी जानी जाती हैं।
चाणक्य ने अच्छी और बुरी दोनों ही परिस्थितियों में अपने बेहतरीन कौशल का परिचय दिया था। चाणक्य ने अपनी बुद्धि से नंद वंश का नाश करके चंद्रगुप्त को मौर्य साम्राज्य का राजा बनाया था।
चाणक्य बुद्धि के धनी थे, आज भी चाणक्य द्वारा लिखित नीति शास्त्र की बातें लोगों को बेहद करीब से स्पर्श करने का काम करती है।
मित्र को लेकर चाणक्य की सोच यह थी कि पापी का मित्र होने से बेहतर व्यक्ति के पास मित्र का न होना है। क्योंकि पापी मित्र कभी भी आपको परेशानी में डाल सकता हैं।
चाणक्य के मुताबिक अगर एक मूर्ख व्यक्ति को ज्ञान दिया जाए तो वह अपने गलत तर्क के सामने उसे समझना नहीं चाहता है। इसलिए मूर्ख व्यक्ति को ज्ञान देकर अपना समय खराब नहीं करना चाहिए।
अपनी नीतियों से बड़े से बड़े ज्ञानियों को प्रभावित कर देने वाले चाणक्य की मृत्यु 283 ईसा पूर्व, पाटलिपुत्र में हुई थी।