वास्तुकला के देव और सृष्टि शिल्पी विश्वकर्मा महाराज का अवतरण आज ही के दिन हुआ था। इस दिन विश्वकर्मा जी की विधि-विधान से पूजा की जाती है।
इस दिन घर में उपलब्ध वाहन, मशीन, औजारों की पूजा की जाती है। इसके साथ ही विश्वकर्मा महाराज को फल, मिठाई अर्पित करते हैं।
विश्वकर्मा पूजा का शुभ मुहूर्त 16 सितंबर को 7 बजकर 53 मिनट पर सूर्य देव कन्या राशि में प्रवेश कर रहे हैं। ऐसे में विश्वकर्मा पूजा आज मनाई जा रही है।
विश्वकर्मा पूजा के दिन अनंत चतुर्दशी और गणेश विसर्जन का पर्व भी मनाया जा रहा है। ऐसे में यह दिन बहुत महत्वपूर्ण हो गया है।
विश्वकर्मा महाराज ने स्वर्गलोक, कुबेरपुरी, देवनगरी, इंद्रप्रस्थ आदि का निर्माण किया था। ऐसे में उनकी पूजा विधि-विधान से की जाती है।
इस दिन विश्वकर्मा जी की पूजा विधि-विधान से करने पर वर्कप्लेस और बिजनेस के क्षेत्र में विशेष लाभ होता है।
नमस्ते विश्वकर्माय, त्वमेव कर्तृता सदा। शिल्पं विधाय सर्वत्र, त्वं विश्वेशो नमो नमः।।
ॐ आधार शक्तपे नमः, ॐ कूमयि नमः, ॐ अनंतम नमः, ॐ पृथिव्यै नमः, ॐ विश्वकर्मणे नमः।।
विश्वकर्मा जयंती के दिन पूजा करने से बिजनेस के क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है। धर्म और अध्यात्म से जुड़ी ऐसी ही अन्य खबरों के लिए पढ़ते रहें Naidunia.Com