युवा इस तरह मन को लगा रहे धर्म के कार्यों में


By Dheeraj Bajpai2023-03-30, 16:04 ISTnaidunia.com

एक आस्‍था ऐसी भी

मोबाइल, लैपटाप की बजाए पूजन में लगा रहे ध्यान, कोई नंगे पाव चलता है तो कोई कर रहा एक वक्त भोजन।

नंगे पाव चलने से मिलती हैं शांति

एक-दो दिन थोड़ा अटपटा लगता है लेकिन बाद में सामान्य हो जाता है। आस्‍था देखकर साथी भी प्रेरित होते हैं।

पूजन से होता है दिन शुरू

दिन की शुरुआत पूजन के साथ होती है। घर में पूजा करने के बाद घर के नजदीक मंदिर जरूर जा रहे हैं।

उपवास बाद नहीं लगती कमजोरी

उपवास के बाद किसी तरह की कमजोरी नहीं महसूस होती है। पूजा करने में आनंद अनुभव कर रहे हैं।

सुबह जल्द उठो, मिलता है सुकून

सुबह जल्द उठकर पूजन, ध्यान के मंदिर में आकर पूजन करने में शांति और सुकून का अहसास होता है।

सात्विक भोजन और दिनचर्या बदली

सात्विक भोजन और दिनचर्या रहती है। मंदिर में हाजिरी लगाने से सकारात्मक उर्जा का अनुभव होता है।

दिन विशेष बाल नहीं कटवाते

विशेष दिन को बाल नहीं कटवाते हैं। दिनचर्या में मंदिर जाना, कुछ अतिरिक्त समय सेवा करना शामिल है।

भजन सुनकर दिल होता प्रसन्न

मंदिरों में भजन सुनकर दिल प्रसन्न हो जाता है। पूजन करने से मन और आत्मा दोनों शुद्ध हो जाते हैं।

दृृृढ़ निश्चयी और संकल्पित

आज का युवा किसी भी कार्य को करने के लिए दृृृढ़ निश्चयी और संकल्पित है। चाहे शिक्षा, व्यापार या रोजगार के क्षेत्र।

ऊर्जा का होता है संचार

व्रत व पूजन करने से अदभुत ऊर्जा का संचार रहता है। सकारात्मक कार्यों के प्रति अधिक मन लगा रहे हैं।

मोबाइल से रहती है दूरी

भजन में ही ज्यादातर समय गुजार रहे हैं। मोबाइल का उपयोग न के बराबर। इंटरनेट पर ध्यान,पूजन ही देख रहे हैं।

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