क्या वाकई डोनाल्ड ट्रंप ने कराया था भारत-पाक के बीच सीजफायर… जयशंकर ने बताया क्या हुआ था 10 मई को
1 Month of Pahalgam Attack: अमेरिकी राष्ट्रपति अब तक 8 बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम करवाया। अब इस मुद्दे पर पहली बार भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जवाब दिया।
Publish Date: Thu, 22 May 2025 12:14:03 PM (IST)
Updated Date: Thu, 22 May 2025 01:58:57 PM (IST)
विदेश मंत्री जयशंकर नीदरलैंड के दौरे पर हैं। (फाइल फोटो)HighLights
- 22 अप्रैल 2025 को हुआ था पहलगाम आतंकी हमला
- 2 विदेशी नागरिकों सहित 26 पर्यटक मार दिए गए थे
- जवाब में ऑपरेशन सिंदूर से किया था पाक में हमला
एजेंसी, नई दिल्ली (1 Month of Pahalgam Attack)। पिछले महीने की 22 तारीख को आतंकियों ने पहलगाम हमले को अंजाम दिया था। इस मौके पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने डच ब्रॉडकास्टर एनओएस को दिए इंटरव्यू में कई बड़ी बातें कहीं।
विदेश मंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस बारे को भी खारिज किया कि उन्होंने (ट्रंप ने) भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम करवाया। इस पर भारत की स्थिति स्पष्ट करते हुए जयशंकर ने कहा-
जब युद्ध होता है तो सभी देश एक-दूसरे से बात करते हैं। भारत की अमेरिकी से भी बात हुई, लेकिन हमने साफ कर दिया था कि यदि भारत को जवाबी कार्रवाई से रोकना है तो इसके लिए पहल पाकिस्तान को ही करना होगी। इस तरह संघर्ष विराम के लिए पाकिस्तान की ओर से पहल की गई और भारत ने उसे स्वीकार किया।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर के इंटरव्यू की प्रमुख बातें
- विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पहलगाम आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान के नेतृत्व, खासकर उसके सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की चरमपंथी सोच को जिम्मेदार ठहराया। धार्मिक कलह पैदा करने के लिए जानबूझकर धर्म देखकर हमला किया गया।
- जयशंकर ने कहा कि जब 7 से 10 मई के बीच ऑपरेशन सिंदूर चल रहा था, तब कई देश भारत के संपर्क में थे। अमेरिका अकेला नहीं था। भारत ने अमेरिका सहित हर दूसरे देश से कहा है कि अगर पाकिस्तान युद्धविराम चाहता है, तो उसे सीधे भारत से बात करनी होगी।
- बकौल जयशंकर, ‘10 मई को पाकिस्तानी सेना ने संदेश भेजा कि वे गोलीबारी रोकने के लिए तैयार हैं।’ जब उनसे पूछा गया कि इस प्रक्रिया में अमेरिका कहां था, तो विदेश मंत्री ने जवाब दिया, "अमेरिका अमेरिका में था।"
- जयशंकर ने बताया, ‘अमेरिकी के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रधानमंत्री मोदी से बात की, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मुझसे बात की, वे पाकिस्तानियों से बात कर रहे थे। अमेरिका अकेला नहीं था। कई अन्य देश भी हमारे संपर्क में थे।’
‘जब दो देश आपस में उलझते हैं, तो स्वाभाविक है कि दोनों देश एक-दूसरे से बात करें। युद्ध विराम पर भारत और पाकिस्तान के बीच सीधे बातचीत हुई थी। हमने अमेरिका समेत सभी से कहा। अगर वे गोलीबारी बंद करना चाहते हैं, तो उन्हें हमसे सीधे बात करनी होगी। और इसीलिए ऐसा हुआ।’