
ताशकंद। एचआईवी से ग्रस्त लोगों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए 16 साल की एक लड़की ने अनोखी पहल की। वह उज्बेकिस्तान की सड़क पर खड़ी होकर अजनबियों से अनुरोध कर रही थी, मैं एचआईवी पॉजिटिव हूं, मुझे गले लगा लो। इस वीडियो को ट्विटर पर यूनिसेफ ने पोस्ट किया।
इसके बाद इस वीडियो को 70 हजार से अधिक बार देखा गया और चार हजार से अधिक लोगों ने शेयर किया। 16 वर्षीय अजीमा उज्बेकिस्तान में रहती हैं। वह एचआईवी के साथ जी रही हैं और लोगों के मन में फैली गलत धारणाओं को दूर करने की कोशिश कर रही हैं।
वीडियो उसे यह कहते हुए सुना जा सकता है कि मैं 10 साल से एचआईवी के साथ जी रही हूं। सब ठीक है, मैं जीवन का आनंद ले रही हूं। वह आगे कहती है कि मेरा उद्देश्य यह संदेश फैलाना है कि एचआईवी से संक्रमित लोगों के साथ रहने में खतरा नहीं है।
अजीमा के बगल में एक प्लेकार्ड रखा है, जिसमें अजनबी लोगों से गले मिलने के बारे में लिखा है। एक-एक करके पूरी तरह से अजनबी लोगों को अजीमा के पास आते हुए और उसे गले लगाते हुए देखा जा सकता है।
वीडियो में जहां सभी उम्र के लोगों को बैकग्राउंड में आगे आकर अजीमा को गले लगाते हुए दिखाया जाता है। वहीं, इसके टेक्स्ट में लिखकर आता है- केवल तीन तरह से एचआईवी होता है। संक्रमित रक्त चढ़ाने से, असुरक्षित यौन संबंध बनाने से और मां से होने वाले बच्चे को।
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इसके अलावा किसी भी तरह से यह बीमारी नहीं फैलती। किसी सो गले लगाने और चुंबन लेने, नमस्ते कहो, हाथ मिलाने उसके साथ खाना खाने से एचआईवी नहीं होता।
अजीमा को वीडियो के खत्म होने पर यह कहते हुए सुना जा सकता है कि मुझे इतने लोगों के समर्थन की उम्मीद नहीं थी। हर बार जब कोई अजनबी मुझे आकर गले लगा रहा था, तो यह मुझे परिवार के सदस्य की तरह लग रहा था। ट्विटर पर भी हजारों लोगों ने अजीमा के समर्थन में पोस्ट किए।
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