
वाशिंगटन। कनाडा के एक गोताखोर ने समुद्र में न्यक्लियर बम खोजने का दावा किया है। माना जा रहा है कि यह 1950 के दशक में इसी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हुए अमेरिकी बमवर्षक बी 36 में लगा परमाणु बम है।
यह विमान ब्रिटिश कोलंबिया के पास उस वक्त दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जब यह टेक्सास के कार्सवेल एयरफोर्स बेस जा रहा था। इस विमान में मार्क 4 परमाणु बम लगा था।
धमाका करने लायक नहीं था यह बम
इस बम में लेड, यूरेनियम और टीएनटी भरा हुआ था। लेकिन उसमें प्लूटोनियम नहीं था, जिसके चलते यह परमाणु धमाका करने में सक्षम नहीं था। इस विमान में उड़ान के कुछ देर बाद ही आग लग गई थी।
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तुरंत ही चालक दल ने विमान को ऑटो पायलट मोड पर लगाकर पैराशूट के जरिए इससे छलांग दी थी। इस हादसे में विमान में सवार करीब 17 में से पांच सदस्यों की मौत हो गई थी। अमेरिकी सेना के मुताबिक तीन साल बाद इसका मलबा सैकड़ों किमी के दायरे में बिखरा पाया गया था।
यहां तलाशने का दावा
इसको तलाशने का दावा करने वाले सीन सिमरीचिंस्की ने बताया कि ब्रिटिश कोलंबिया के पास समुद्री ककड़ी की तलाश में उन्होंने गोता लगाया था। उस समय उन्हें समुद्र की तलहटी में कुछ अजीब सी चीज दिखाई दी थी।
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देखने में यह कुछ उड़नतश्तरी जैसी दिखाई दे रही थी। उनकी इस तलाश के बाद वहां बम होने की पुष्टि करने के लिए हैदा गवई द्वीप समूह इलाके में नौसेना का जहाज भेजा जा रहा है।
किंग साइज बेड से भी बड़ा
सीन के मुताबिक यह अनोखी चीज का साइज हमारे किंग साइज बेड से भी कहीं अधिक था। वह ऊपर से चपटा था और उसा तला गोलाकार था और इसके बीचों-बीच छेद था।
एक चैनल से बातचीत करते हुए सीन ने कहा कि उन्होंने कुछ ऐसा खोजा है, जो अद्भुत है। उन्हें पहली बार में यह चीज कोई उड़नतश्तरी लगी। उन्होंने इस वाकयेे को मजाक में अपने दोस्तों से भी बयान किया था।