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भारतीय आम को लगा बड़ा झटका, जापान के बाद अब नेपाल ने भी लगाया बैन, करोड़ों के नुकसान की आशंका

गर्मियों के इस मुख्य सीजन में इस फैसले से भारत के आम निर्यात को बड़ा झटका लगा है। इससे भारत की प्रीमियम किस्में जैसे अल्फांसो, दशहरी, चौसा, लंगड़ा और ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Wed, 10 Jun 2026 01:06:26 PM (IST)Updated Date: Wed, 10 Jun 2026 01:07:54 PM (IST)
भारतीय आम को लगा बड़ा झटका, जापान के बाद अब नेपाल ने भी लगाया बैन, करोड़ों के नुकसान की आशंका
जापान के बाद अब नेपाल ने भी लगाया भारतीय आमों पर बैन (फाइल फोटो)

HighLights

  1. जापान के बाद अब नेपाल ने भी लगाया भारतीय आमों पर बैन
  2. नेपाल की बालेन शाह सरकार ने सीमा पर रोकी खेप
  3. दरअसल भारतीय आमों में खतरनाक केमिकल मिला है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जापान के बाद अब पड़ोसी देश नेपाल ने भी भारत से आने वाले आम और अन्य फलों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। नेपाल की बालेन शाह सरकार ने यह सख्त कदम तब उठाया, जब सीमा पर क्वारंटाइन (संगरोध) निरीक्षकों ने भारतीय फलों की खेप में खतरनाक रासायनिक कीटनाशकों की मात्रा तय सीमा से काफी अधिक पाई।

नेपाल के कृषि और पशुधन विकास मंत्रालय द्वारा लगाया गया यह प्रतिबंध अप्रैल-मई से ही लागू है। गर्मियों के इस मुख्य सीजन में इस फैसले से भारत के आम निर्यात को बड़ा झटका लगा है। इससे भारत की प्रीमियम किस्में जैसे अल्फांसो, दशहरी, चौसा, लंगड़ा और केसर सबसे ज्यादा प्रभावित होंगी।


स्थानीय व्यापारियों ने जताई चिंता

इस पाबंदी से नेपाल के स्थानीय व्यापारी भी परेशान हैं। जनकपुरधाम फल और सब्जी व्यवसायी संघ के महासचिव भुवनेश्वर पुर्बे ने कहा कि देश में आम की मांग सिर्फ स्थानीय उत्पादन से पूरी नहीं हो सकती। आयात रुकने से बाजार में आम की भारी किल्लत हो जाएगी। उन्होंने सरकार से पूरी तरह बैन लगाने के बजाय गुणवत्ता जांच के बाद भारतीय फलों को अनुमति देने की अपील की है।

दूसरी ओर, नेपाली अधिकारी इसे अपने घरेलू बाजार के लिए एक बड़े अवसर के रूप में देख रहे हैं। मधेस प्रांत के कृषि मंत्रालय के प्रवक्ता मनीष कुमार पाल ने कहा कि इस फैसले से स्थानीय किसानों को प्रोत्साहन मिलेगा और नागरिकों को केमिकल-मुक्त, सुरक्षित फल मिल सकेंगे।

यह भी पढ़ें- जापान में लगा 'बैन' तो सिंगापुर के सुपरमार्केट में मची 'लूट', आते ही गायब हो रहे हैं भारतीय आम

जापान भी लगा चुका है रोक

गौरतलब है कि पिछले महीने ही जापान ने भी भारत के ट्रीटमेंट सेंटरों में कीट-नियंत्रण (पेस्ट-कंट्रोल) प्रक्रियाओं में कमी पाए जाने पर भारतीय आम के आयात पर रोक लगा दी थी। लगभग दो दशकों में यह पहली बार है जब जापान ने ऐसा कदम उठाया है।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है, जो हर साल करीब 2.8 करोड़ मीट्रिक टन आम का उत्पादन करता है। भले ही अधिकांश आम की खपत देश के भीतर होती है, लेकिन नेपाल और जापान जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बैन लगने से भारतीय निर्यातकों और किसानों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।