
प्रिटोरिया। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि भारत व चीन के बीच बेशक कुछ मामलों को लेकर विवाद रहा है, लेकिन बहुत से क्षेत्र ऐसे हैं जहां दोनों देश एक दूसरे से सहमति से काम कर रहे हैं। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ बैठक में दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों के अलावा अन्य मसलों पर भी चर्चा की।
दोनों की मुलाकात ब्रिक्स सम्मेलन (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) के बाद हुई। तकरीबन एक घंटे तक दोनों के बीच चर्चा हुई। ध्यान रहे कि पिछले माह में पीएम मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात हुई थी। ब्रिक्स में शामिल देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक सोमवार को संपन्न हुई थी।
इस दौरान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को आह्वान किया था कि ब्रिक्स देशों को धनशोधन, आतंकियों को वित्तीय मदद तथा कट्टरपंथ के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बहुपक्षवाद, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और नियम आधारित विश्व व्यवस्था के सामने आज बड़ी चुनौती पैदा कर रही है।
उत्तराखंड के इस गांव में नहीं है बिजली, फिर भी हर कोई चलाता है वाई-फाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच वुहान में एक अनौपचारिक बैठक होने के लगभग महीने भर बाद यह बैठक हुई। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने वांग के हवाले से कहा है कि चीन और भारत के व्यापक साझा हित हैं और उनके बीच मतभेद से कहीं अधिक आमराय है।
वांग चीनी स्टेट काउंसलर भी हैं। उन्होंने कहा कि चीन और भारत के साथ काम करने से दोनों देशों का साझा विकास बढ़ेगा, पूरी दुनिया को फायदा होगा और मानव सभ्यता की प्रगति में योगदान मिलेगा।
चीनी उप विदेश मंत्री से मिले गोखले
भारत के विदेश सचिव ने चीनी उप विदेश मंत्री कांग से मुलाकात की। दोनों के बीच उन मसलों पर चर्चा हुई जो मोदी व चिनफिंग की वार्ता के दौरान उठे थे। गौरतलब है कि एससीओ की 9 व 10 जून को होने वाली बैठक में पीएम मोदी व चिनफिंग के बीच मुलाकात होगी। इसे लेकर भी गोखले ने चीनी मंत्री से बातचीत की।
डेटिंग के लिए ऑनलाइन खर्च किए 12 लाख, लड़की भी नहीं मिली और पैसे भी डूबे