
बीजिंग। चीन ने देश छोड़कर भाग चुके भ्रष्टाचार के मामलों में वांछित लोगों की तलाश में अभियान तेज कर दिया है। 100 ऐसे भगोड़ों की सूची जारी करते हुए उन्हें पकड़ने के लिए इंटरपोल से मदद मांगी गई है। इनमें से 23 महिलाएं हैं। सूची चीन के सरकारी समाचार पत्र चाइना डेली में प्रकाशित की गई है।
रेड नोटिस
चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय अनुशासनात्मक आयोग ने एक बयान जारी कर बताया है कि भगोड़ों की सूची चीन के इंटरपोल कार्यालय ने जारी की है। इनकी गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल ने रेड नोटिस जारी कर रखा है। प्रकाशित सूची में इन वांछितों के बारे में पूरी जानकारी दी गई है।
नाम, तस्वीर, गृह नगर, छिपे होने की संभावित जगह, वीजा संख्या और किस मामले में तलाश है यह बताया गया है। इंटरपोल व अन्य माध्यम से चीन ने संबंधित देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों से इन्हें पकड़ने में मदद का आग्रह किया है।
ये हैं वांछित
सूची में शामिल 48 वांछित सरकारी विभागों, उद्यमों और सार्वजनिक संस्थानों के प्रमुख रह चुके हैं। अन्य भगोड़ों में पुलिस अधिकारी, लेखाकार, खचांजी और बैंक अधिकारी हैं। शिन्हुआ के मुताबिक साठ फीसद से ज्यादा वांछित रिश्र्वत लेने और सरकारी पैसे का गबन करने के आरोपी हैं।
40 अमेरिका में
सूची में शामिल 40 लोगों के अमेरिका, 26 के कनाडा और अन्य के न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, थाईलैंड, सिंगापुर व अन्य देशों में होने की संभावना है। इससे पहले पिछले साल चीन ने आर्थिक अपराधों में शामिल करीब 150 लोगों को पकड़ने में मदद के लिए अमेरिका से चर्चा भी की थी।
700 देश लौटे
चीन ने आर्थिक अपराधों में वांछित लोगों को वापस देश लाने के लिए स्काई नेट नामक अंतरराष्ट्रीय अभियान चला रखा है। कम सजा और अन्य प्रलोभन के कारण ऐसे करीब सात सौ लोग अब तक देश लौट चुके हैं। यह चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा 2013 में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू किए गए अभियान का हिस्सा है। इसके तहत अब तक चीन के कई शीर्ष अधिकारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
18 हजार भागे
चीन का मानना है कि नब्बे के मध्य में 16 से 18 हजार अधिकारी और सरकारी कर्मचारी अपनी काली कमाई छुपाने के लिए देश से निकल गए थे। इनके पास 135 अरब डॉलर (करीब 85 हजार करोड़ रुपये) की संपत्ति होने का अनुमान है।