
लंदन। ज्यादातर माता-पिता अपने बच्चों को शिक्षित करने के लिए स्कूल भेजते हैं। मगर, पॉल और कैरोलाइन ने अपने बच्चों के लिए एक अलग ही तरीका चुना है। वे बच्चों को स्पेलिंग रटाने और किताबें पढ़ाने की बजाय उन्हें दुनिया की सैर पर ले जा रहे हैं।
विंस्टन और हेनरी कनाडा में जीवाश्म को देखने और आइसलैंड में ज्वालामुखी देखने की योजना बना रहे हैं। पॉल और कैरोलीन ने इस विवादास्पद प्रकार से अपने बच्चों को शिक्षित करने का फैसला किया है। इसे उन्होंने 'global unschooling' का नाम दिया है।
यह परिवार एक देश से दूसरे देश में जाता रहता है, तो बच्चे भी स्कूल नहीं जाते हैं और सुंदर बीच पर खेलते हैं। ये बच्चे विंस्टन में करीब 20 अलग-अलग स्कूलों का दौरा कर चुके हैं। उनका मानना है कि छह साल की उम्र के दूसरे बच्चों की तुलना में ये बच्चे शैक्षणिक रूप से अधिक एडवांस हैं।
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कैरोलीन (35) ने कहा कि हमने निष्कर्ष निकाला कि यह नैतिक नहीं था कि हम हमारे बच्चों को स्कूल जाने के लिए जबरन दबाव बनाएं, जबकि वे स्कूल नहीं जाना चाहते हैं। इसलिए हमने अपनी संपत्ति को 2.80 करोड़ में बेच दिया और लड़कों को दुनिया की सैर कराने के लिए निकल पड़े।।
19 महीनों में 15 देशों की सैर करने के बाद में पॉल और कैरोलीन को यकीन है कि वे सही काम कर रहे हैं। वे इस काम को अभी नहीं रोकना चाहते हैं। पॉल (39) ने कहा कि हम अपने लड़कों को स्कूल जाने के लिए या एक परीक्षा देने के लिए कभी मजबूर नहीं करेंगे।
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हम शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के हस्तक्षेप में विश्वास नहीं करते। यह बहुत आक्रामक है और बच्चों के लिए सम्मानकारी नहीं है। जब हम लड़कों पर नहीं चिल्लाते हैं, तो एक शिक्षक को इसकी अनुमति क्यों दी जानी चाहिए?