
बोस्टन। डेल्टा एयरलाइंस के विमान में सवार 130 लोगों की जान उस वक्त सांसत में पड़ गई, जब हवा में ही उसका अगला हिस्सा और एक शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि समय रहते ही पायलट विमान की डेनवर हवाई अड्डे पर आपात लैंडिंग कराने में सफल रहे। दरअसल, विमान एक जबरदस्त तूफान से टकरा गया था।
डेल्टा फ्लाइट 1889 बोस्टन, मैसाच्युसेट्स से उटाह स्थित सॉल्ट लेक सिटी जा रहा था। शुक्रवार रात नेब्रास्का-कोलोराडो सीमा पर विमान तूफान की चपेट में आ गया। एयरबस ए320 के तूफान से टकराते ही इसका शीशा और अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विमान दो मिनट में ही 14 हजार फुट नीचे आ गया था। जैसे ही विमान संभला कुछ यात्री और चालक दल के सदस्यों ने क्षतिग्रस्त हिस्से को देखा। कुछ ने इसकी तस्वीरें भी खीचीं। इसके बाद पायलट ने समझ-बूझ का परिचय देते हुए विमान की डेनवर हवाईअड्डे पर आपात लैंडिंग कराई।
चालक दल के एक सदस्य के अनुसार, 30 साल के कार्यकाल के दौरान यह सबसे भयावह उड़ान थी। एक यात्री रॉबिन जोंस ने बताया कि वह अक्सर हवाई यात्रा करते हैं, लेकिन ये 10 मिनट उनके जीवन के सबसे खौफनाक थे। कई यात्री खुद को खुशनसीब मान रहे हैं। डेल्टा कंपनी के अनुसार, यात्रियों को अन्य विमान से उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया है। संघीय विमानन प्रबंधन मामले की जांच की बात कह रहा है।