
वॉशिंगटन। अमेरिका राष्ट्रपति बराक ओबामा की लाख अपीलों के बावजूद जनता ने नए राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप को चुन लिया है। ओबामा हमेशा से ही कहते रहे हैं कि रिपलब्किन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप परमाणु बटन का नियंत्रण देने लायक व्यक्ति नहीं हैं।
इस पर ट्रंप ने जवाबी हमला करते हुए कहा था कि इस्लामिक स्टेट हम पर हमला कर रहा है और आप परमाणु हथियार का प्रयोग नहीं करना चाहते? मैं अपने विकल्प कभी नहीं बंद करूंगा। शायद उनकी यह बात लोगों को पसंद आ गई और जनता ने उन्हें वाइट हाउस पहुंचा दिया।
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इसी के साथ उन्हें दुनिया के परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का असीमित अधिकार भी मिल गया है। जाहिर है, अब उनके एक फैसले से पूरी दुनिया में तबाही मच सकती है। मगर, बराक ओबामा ही नहीं, दस पूर्व न्यूक्लियर लॉन्च कंट्रोल अफसरों ने भी खुला पत्र लिखकर मतदान से पहले कहा कि डोनाल्ड ट्रंप पर परमाणु हथियार को लेकर भरोसा नहीं किया जा सकता।
पत्र में यह भी कहा गया था कि ट्रंप में परमाणु हथियार प्रयोग करने के लिए जरूरी शांत मस्तिष्क, संयम, न्यायप्रियता और कूटनीतिक समझ नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति का आदेश मिलने के बाद न्यूक्लियर लॉन्च कंट्रोल अफसर ही परमाणु हथियार से हमले की कार्रवाई को अंजाम देते हैं।