
पेरिस। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) से मुकाबले के लिए फ्रांस ने अपने सबसे बड़े युद्धपोत "शार्ल द गॉल" को फारस की खाड़ी में भेजने का फैसला किया है। यह पोत एक साथ 40 विमानों को संभाल सकता है और इससे रोजाना 100 उड़ानें भरी जा सकती है। यह युद्धपोत इस साल फरवरी से अप्रैल तक खाड़ी में ही था।
सीएनएन के अनुसार गुरुवार को सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने फिर से युद्धपोत को फारस खाड़ी में भेजने का आदेश दिया।
आईएस की ओर से फ्रांसीसी संस्थानों और उसके नागरिकों को निशाना बनाए जाने की धमकी दिए जाने के बाद यह फैसला किया गया है। अमेरिका के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल फ्रांस ने पिछले साल सितंबर में आईएस के खिलाफ इराक में अभियान शुरू किया था।
इस साल सितंबर में उसने अभियान का दायरा सीरिया तक बढ़ाने की घोषणा की थी। फिलहाल आईएस को निशाना बनाने के लिए फ्रांस जॉर्डन में तैनात अपने छह मिराज युद्धक विमानों और यूएई में तैनात छह राफेल विमानों का इस्तेमाल कर रहा है।
गॉल के पहुंचने के बाद उसके अभियानों की तीव्रता और सटीकता बढ़ जाएगी। साथ ही सहयोगियों के लिए भी यह एयरबेस का काम करेगा।