
एथेंस। ग्रीस के प्रधानमंत्री एलेक्सिस सिप्रास ने सोमवार से सभी सभी बैंकों को एक हफ्ते तक बंद रखने को कहा है। इसके साथ ही एटीमएम मशीनों से पैसा निकालने निकालने पर भी पाबंदियां लगा दी गईं हैं। ग्रीस संकट के चलते एशियाई बाजार भी गिरावट के साथ खुले हैं।
भारत सहित हांगकांग, जापान, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया में बाजार गिरकर खुले हैं। यूरो में भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरावट दर्ज की गई है। ग्रीस सरकार ने घोषणा की है कि बैंकों में हफ्ते भर तक कामकाज नहीं होगा। इस दौरान खाता धारकों को एटीएम से दिन में 60 यूरो से ज्यादा निकालने की अनुमति नहीं होगी। इतना ही नहीं देश के बाहर भी बिना पूर्व अनुमति के लोग अपने पैसे को नहीं भेज सकेंगे।
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उधर, यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ईसीबी) ने ग्रीस की बैंकिंग प्रणाली के लिए और आपात सहायता नहीं देने का फैसला किया है। ग्रीस और यूरोजोन के बीच बातचीत के विफल हो जाने के बाद ईसीबी ने यह फैसला लिया था। ईसीबी की घोषणा ने ग्रीस के बैंकों के ऊपर दबाव और बढ़ गया है।
ग्रीस के लिए लगभग 1.8 अरब डॉलर कर्ज की रकम लौटाना लगभग असंभव हो गया है। ग्रीस को इस महीने के अंत तक यह धनराशि चुकानी है। इसको लेकर बीते लंबे अरसे से बीच के रास्ते तलाशे जा रहे थे। आईएमएफ और यूरोपीय देश ग्रीस पर आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए दबाव डाल रहे थे। हालांकि, ग्रीस ऐसा करने से इनकार कर रहा था।
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अगर ग्रीस समय पर कर्ज चुकाने में नाकाम होता है, तो वह दिवालिया घोषित हो सकता है। उसके लिए कहीं से भी कर्ज हासिल करने की संभावनाएं खत्म हो गई हैं। इससे उसके सामने यूरो जोन से बाहर होने का संकट पैदा हो सकता है। यदि ग्रीस का यूरोपीय देशों, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) सहित प्रमुख कर्जदाताओं से समझौता हो जाता तो ग्रीस को कर्ज चुकाने के लिए अधिक वक्त मिल जाता, साथ ही उसे अतिरिक्त कर्ज भी मिल जाता।