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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 18, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जनसंख्या विस्फोट : महज आठ साल में चीन से ज्यादा हो जाएगी भारत की आबादी

यूएन की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस सदी के अंत तक दुनिया की आबादी 11 अरब के करीब पहुंच जाएगी।

By Shashank Shekhar BajpaiEdited By: Shashank Shekhar Bajpai
Publish Date: Tue, 18 Jun 2019 09:16:47 AM (IST)Updated Date: Tue, 18 Jun 2019 09:28:49 AM (IST)
जनसंख्या विस्फोट : महज आठ साल में चीन से ज्यादा हो जाएगी भारत की आबादी

संयुक्त राष्ट्र। महज आठ साल में भारत आबादी के लिहाज से चीन को पीछे छोड़ देगा। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2017 तक भारत की आबादी दुनिया में सबसे ज्यादा होगी। वहीं, साल 2050 तक चीन की जनसंख्या में 2.2 फीसद या करीब 3.14 करोड़ की कमी दर्ज की जाएगी।

संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक एवं सामाजिक मामलों के विभाग के जनसंख्या प्रभाग की तरफ से 'विश्व जनसंख्या संभावनाएं 2019 : मुख्य विशेषताएं' शीर्षक से एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई है। इसमें कहा गया है कि 2050 तक विश्व की आबादी दो अरब बढ़कर 7.7 अरब से 9.7 अरब हो जाएगी।


यह रिपोर्ट वैश्विक जनसांख्यिकीय पैटर्न और संभावनाओं का एक व्यापक अवलोकन प्रदान करती है। इसमें कहा गया है कि इस सदी के अंत तक दुनिया की आबादी लगभग 11 अरब के करीब पहुंच जाएगी। साल 2050 तक दुनिया की बढ़ने वाली आबादी की 50 फीसद बढ़ोत्तरी सिर्फ नौ देशों में ही होगी। इनमें आबादी के हिसाब से घटते क्रम में क्रमशः भारत, नाईजीरिया, पाकिस्तान, कांगो, इथियोपिया, तंजानिया, इंडोनेशिया, मिस्त्र और अमेरिका शामिल हैं।

जबकि भारत सबसे अधिक आबादी वाला देश बनने की ओर अग्रसर है, वहीं चीन सहित कई देश जनसंख्या लगातार कम हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार, 2010 के बाद से 27 देशों या क्षेत्रों ने अपनी आबादी के आकार में एक प्रतिशत या उससे अधिक की कमी दर्ज की है। यह गिरावट प्रजनन क्षमता के निम्न स्तर के कारण हुई है।

साल 2019 और 2050 के बीच 55 देशों या क्षेत्रों में आबादी में एक प्रतिशत या उससे अधिक की कमी का अनुमान है। इनमें से 26 देशों में कम से कम 10 प्रतिशत की कमी देखी जा सकती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि माइग्रेशन कुछ देशों में जनसंख्या में परिवर्तन का एक प्रमुख घटक बन गया है। साल 2010 से 2020 के बीच 14 देशों या क्षेत्रों में 10 लाख से अधिक प्रवासियों का जाना होगा।