
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अफगानिस्तान में तालिबान ने भारतीय युवकों को जिस डेथ रोड पर जाने से मना किया था, उसी रास्ते पर वे अपनी ऑल्टो कार लेकर घूमने पहुंच गए। इस दौरान भारतीय ट्रैवलर ने बताया कि उन लोगों ने रास्ते भर में जो एक्सपीरियंस किया है, अब तक वैसा अनुभव उन्हें दुनिया के उन 40 देशों में भी नहीं मिला, जहां पर वे दोनों पहले घूम चुके हैं। भारतीय ट्रैवलर्स ने अफगानिस्तान टूर का अपना अनुभव इंस्टाग्राम पर शेयर किया है।
मना करने के बावजूद अपनी ऑल्टो कार से जाने वाले भारतीय युवकों का नाम गौरव शर्मा और अनुज खुराना है। दोनों एक साथ ऑल्टो कार से यूरोप से मंगोलिया तक दुनिया के अलग-अलग देशों में घूम रहे हैं। इंस्टाग्राम पर दोनों अलग-अलग देशों का अपना अनुभव शेयर करते रहते हैं। उन लोगों ने अपनी ऑल्टो कार का नाम तारा सितारा रखा है, जिसके नाम से इंस्टाग्राम अकाउंट भी बना रखा है।
अभी हाल ही भारतीय युवकों ने इंस्टाग्राम पर अफगानिस्तान टूर का वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि वे अफगानिस्तान अपनी ऑल्टो कार से आ गए।
वीडियो में उन लोगों ने बताया कि यह अफगानिस्तान का नॉर्दर्न रूट है, जिसके बारे में हमें तालिबान ने भी मना किया था कि गलती से भी मत जाना। तालिबान के मना करने के बावजूद दोनों कार से उस रास्ते पर जा पहुंचे। वीडियो में उन्होंने बताया कि 40 देशों में गाड़ी चलाने के बाद मैं कंफर्म कर सकता हूं कि यह दुनिया की सबसे खराब रोड है।
भारतीय टूरिस्ट ने बताया कि 200 किमी की इस रोड पर हमें हर 200 मीटर पर सोचना पड़ता था कि अब यह गाड़ी आगे कैसे जाएगी। फिर 5 घंटे में 50 किलोमीटर चलने के बाद हमारी गाड़ी का सामान सहित कैरियर भी उड़ गया और ऐसा नहीं है कि यह रास्ता सुनसान था।
भारतीय टूरिस्ट ने वीडियो में आगे कहा कि यहां पर हर एक किलोमीटर में हमें एक खराब गाड़ी जरूर दिख रही थी, क्योंकि यह शायद गाड़ियों की डेथ रोड थी। फिर कुछ किलोमीटर बाद हमारे आगे वाले पहिए ने एक्सेल का साथ छोड़ दिया और हमारे गियर बॉक्स ने भी दम तोड़ दिया। किसी तरह रात को दो बजे एक ढाबे में सोए।
अगले दिन सुबह एक ट्रक वाले ने बोला- मैं आपको 3 घंटे में शहर पहुंचा दूंगा, जहां आपको मैकेनिक मिल जाएगा। इस पर ऑल्टो कार को उस ट्रक में लाद दिया और 8 घंटे में करीब 30 किमी चलने के बाद वह ट्रक भी खराब हो गया, जिसमें ऑल्टो लदी थी।
भारतीय युवकों ने आगे कहा कि अब 45 डिग्री सेल्सियस में दुनिया के इस वीरान कोने में शायद हमारी मंगोल रैली हमें खत्म होती दिख रही थी, मगर क्योंकि हम अफगानिस्तान में थे तो हमें भरोसा था कि मदद हमसे ज्यादा दूर नहीं। भारतीय टूरिस्ट के इस वीडियो पर लोगों ने काफी कमेंट्स किए। एक यूजर ने सवाल किया कि आप सबसे बुरे हालात में भी पॉजिटिव कैसे रहते हैं, जबकि एक यूजर ने लिखा कि यह किसी एडवेंचर से कम नहीं है।