• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • दिवाली पूजन 2026
  • होम
  • विदेश

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जिहादियों का महिलाओं के जननांग क्षत-विक्षत करने का फतवा

जिहादी आतंकवादियों ने 11 से 46 साल की सभी औरतों के जननांगों को क्षत-विक्षत करने का फतवा जारी किया है।

By Edited By:
Publish Date: Fri, 25 Jul 2014 02:25:09 PM (IST)Updated Date: Fri, 25 Jul 2014 02:42:37 PM (IST)
जिहादियों का महिलाओं के जननांग क्षत-विक्षत करने का फतवा

जिनेवा। इस्‍लामिक स्‍टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) के जिहादी आतंकवादियों ने 11 से 46 साल की सभी औरतों के जननांगों को क्षत-विक्षत करने का फतवा जारी किया है। माना जा रहा है इस फतवे के कारण लाखों औरतें प्रभावित होंगी। एक संयुक्‍त राष्‍ट्र के अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि आईएसआईएस ने इराक के दूसरे सबसे बड़े शहर पर पूरी तरह से कब्‍जा कर रखा है। इसके साथ ही यहां इस्‍लामिक कानून को लागू कर दिया गया है। जिस कारण इस्‍लाम के नाम पर स्‍वार्थी रूप अपनाकर मनमानी की जा रही है। महिलाओं का खतना इराक में सामान्‍य नहीं है। यह प्रथा के बहुत ही थोड़े से भागों में अपनाई जाती थी।

संयुक्‍त राष्‍ट्र के दूसरे सबसे वरिष्‍ठ अधिकारी जेक्लिन बेडकोक ने बताया कि आईएसआईएस द्वारा यह फतवा जारी किया गया है। इस बारे में सही आकड़ा तो नहीं बताया जा सकता पर अनुमान है कि इससे 40 लाख महिलाएं प्रभावित होंगी। इस प्रकार की प्रथा अफ्रीका में सामान्‍य है और जब लड़की 15 साल की हो जाती है तो उसका खतना कर दिया जाता है। करीब 130 मिलियन औरतें इस प्रक्रिया से गुजर चुकी हैं और 30 लाख औरतें हर साल इस खतरे का सामना कर रही हैं।


बेडकोक ने बताया कि आईएसआईएस ने अंतिम माह इराक और सीरिया की भूमि पर इस्‍लामिक कानून को लागू कर दिया है। इस सप्‍ताह उन्‍होंने यहां रहने वाली क्रिश्चियन परिवारों को मोसुल छोड़ने का फतवा जारी किया है। इस समय सिर्फ 20 क्रिश्चियन परिवार ही वहां बचे हैं। इसके साथ ही कुछ क्रिश्चियन का धर्म परिवर्तित कर उन्‍हें मुसलमान बना दिया गया है और जो वहां रह रहे है उनके ऊपर जजिया कर (गैर-मुस्लिमों पर लगाया जाने वाला टैक्‍स) लागू कर दिया गया है।

ऐसा क्‍यों

कुछ देशों के मुस्लिम समाज में औरत के कुंवारेपन और उसकी पवित्रता को जरूरी समझा जाता है। वहां आठ-नौ साल की उम्र में ही लड़की के जननांगों को क्षत-विक्षत करने की प्रथा है ताकि स्‍त्री में स्‍वयं की कोई कामचेतना न हो, वह नियंत्रण में रहे और सिर्फ पुरुष के उपभोग की वस्‍तु बनी रहे।

किसने क्‍या कहा

महिला खतना को पहले भारतीय मुस्लिमों द्वारा भी अपनाया जाता था लेकिन पिछली दो शताब्दियों से इसे अपनाया नहीं गया है।

असरफ उस्‍मानी, दारुल उलूम देवबंद

इस तरह का फतवा रमजान के महिने में दिया रमजान के खिलाफ है। इस महिने में किसी भी व्‍यक्ति को उसकी मर्जी के बिना तकलीफ देना गलत है। यह इस्‍लाम का अपमान है।

मैलाना सैफ अब्‍बास, शिया मौलवी

एक क्लिक पर पढ़ें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की लेटेस्ट खबरें। Hindi News पढ़ें। MP News, Chhattisgarh news, आज का राशिफल और आज का मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पढ़ें।