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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 13, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आईएस को बोको हराम की निष्ठा कबूल

बोको हराम के नेता अबू बाकर शेकाउ ने पिछले हफ्ते आईएस के प्रति वफादारी जताई थी। आईएस ने अब इसे कबूल कर लिया है।

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Publish Date: Fri, 13 Mar 2015 09:42:33 PM (IST)Updated Date: Fri, 13 Mar 2015 09:46:08 PM (IST)
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आईएस को बोको हराम की निष्ठा कबूल

बेरुत/अंकारा। दुनिया के दो खूंखार आतंकी संगठनों के बीच औपचारिक तौर पर गठबंधन हो गया है। इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने बोको हराम की निष्ठा कबूल कर ली है। आईएस प्रवक्ता अबू मोहम्मद अल-अदनानी ने एक ऑडियो संदेश में इसका एलान किया है।

बोको हराम के नेता अबू बाकर शेकाउ ने पिछले हफ्ते आईएस के प्रति वफादारी जताई थी। इसके जवाब में आईएस ने गुरुवार को एक ऑनलाइन ऑडियो संदेश जारी किया। इसमें अदनानी ने कहा है कि बोको हराम को इस्लामी राज्य की एक शाखा के रूप में स्वीकार कर लिया गया है और इस प्रकार इस्लामी राज्य का प्रभाव पश्चिमी अफ्रीका में भी फैल गया है। उसने पूरी दुनिया के मुसलमानों से बोको हराम का साथ देने की अपील की है।


आईएस के ताजा पैगाम से साफ है कि उसका इरादा पूरी दुनिया में इस्लामी राज्य स्थापित करने का है। हालांकि उसके प्रति निष्ठा जताने वाला बोको हराम पहला कट्टरपंथी संगठन नहीं है। इससे पहले लीबिया, अफगानिस्तान और पाकिस्तान में सक्रिय कट्टरपंथी संगठन भी उसके प्रति निष्ठा जता चुके हैं।

गौरतलब है कि पिछले साल आईएस ने इराक और सीरिया के एक बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। दूसरी ओर, नाइजीरिया में सक्रिय बोको हराम पिछले साल 10 हजार से ज्यादा लोगों को मौत के घाट उतार चुका है। पिछले साल ही अप्रैल में 275 स्कूली बच्चियों को अगवा कर यह संगठन सुर्खियों में आया था।

दबाव में आए साथ

दोनों आतंकी संगठन ऐसे वक्त में साथ-साथ आए हैं जब वे गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। अमेरिका की अगुआई में हवाई हमलों के बीच आईएस पर इराकी सेना और कुर्द बल भारी पड़ रहे हैं। वहीं, अफ्रीकी बल का गठन होने के बाद से बोको हराम को भी काफी नुकसान पहुंचा है। इसके बावजूद विशेषज्ञ इसे नया खतरा मान रहे हैं। अमेरिकी विचार समूह अटलांटिक काउंसिल के जे पीटर फाम के अनुसार आईएस ने जिस तेजी से प्रतिक्रिया दी है उससे जाहिर है कि आतंकी संगठन अपने संघर्ष को वैश्विक स्वरूप देना चाहते हैं।

ब्रिटिश छात्राओं का मददगार गिरफ्तार

उधर तुर्की ने बताया है कि तीन ब्रिटिश छात्राओं को आईएस में शामिल होने के लिए तुर्की के रास्ते सीरिया जाने में मदद करने वाले जासूस को गिरफ्तार किया गया है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार तुर्की के विदेश मंत्री मेवलुत कावुसोग्लु ने गिरफ्तार व्यक्ति के बारे में अधिक जानकारी तो नहीं दी। हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया है कि यह व्यक्ति न तो अमेरिका से है और न ही यूरोपीय संघ से। ब्रिटेन पुलिस के अनुसार लंदन की तीन लड़कियां, 15 वर्षीया अमीरा अबासे और शमीमा बेगम व 16 वर्षीया कादिजा सुल्ताना फरवरी में तुर्की के रास्ते सीरिया गई थीं।

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