ब्रिटेन। Jallianwala Bagh massacre ब्रिटिश सरकार के दामन में लगा ऐसा दाग है, जिसके घाव आज भी भारत में हरे हैं। ब्रिटेन की लेबर पार्टी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में कहा है कि अगर 12 दिसंबर को होने वाले चुनाव के बाद वह सत्ता में वापसी करती है, तो साल 1919 में हुए जलियांवाला बाग हत्याकांड के लिए ब्रिटिश सरकार की ओर से 'औपचारिक माफी' मांगेगी। इसके साथ ही 1984 ऑपरेशन ब्लूस्टार में ब्रिटेन की भूमिका में 'सार्वजनिक समीक्षा' भी करेगी।
गुरुवार को पार्टी का घोषणापत्र जारी करते हुए, पार्टी के नेता जेरेमी ने यथास्थिति को हिलाने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना बनाई है, जिससे अमीरों को फायदा हुआ था। वहीं, उन्होंने कहा कि आम लोगों के लिए यह एक वास्तविक बदलाव लाएगा। बताते चलें कि इस नरसंहार के 100 साल पूरे होने के मौके पर ब्रिटिश सरकार ने औपचारिक माफी के लिए की गई कई मांगों के बावजूद सिर्फ उस घटना पर 'अफसोस' जाहिर कर मामले से पल्ला झाड़ लिया है।
उधर, वरिष्ठ पदाधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि इस मुद्दे पर काम चल रहा है और साल खत्म होने से पहले यह हो सकता है। घोषणापत्र में वादा किया गया है कि माफी के अलावा, पार्टी की सरकार बनने के बाद अमृतसर में ऑपरेशन ब्लूस्टार में अमृतसर में हुए हत्याकांड में ब्रिटेन की भूमिका की सार्वजनिक समीक्षा की जाएगी। साल 2017 के घोषणापत्र में भी पार्टी ने ब्रिटेन की भूमिका की 'स्वतंत्र जांच' कराने का वादा किया था।
यह मुद्दा साल 2014 में तब भड़क गया था, जब डिक्लासिफाइड की गई फाइलों से पता चला था कि मार्गरेट थैचर सरकार ने ऑपरेशन से पहले इंदिरा गांधी सरकार को सलाह दी थी। ब्रिटेन में सिख समुदाय का एक वर्ग तब से ब्रिटेन की भूमिका की स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग कर रहा है।
107 पन्नों के घोषणापत्र में आरोप लगाया गया है कि कंजरवेटिव पार्टी कश्मीर सहित दुनिया के सबसे बड़े मानवीय संकट को हल करने में रचनात्मक भूमिका निभाने में विफल रही। हालांकि, घोषणापत्र में कश्मीर पर इसके परिप्रेक्ष्य के बारे में विस्तार से नहीं बताया गया है।