
मोसुल। इस्लामिक स्टेट के विद्रोही जब कभी भी इरानी कर्दिश वुमन फाइटर्स पर हमला करने के लिए बम गिराते हैं तो पहली बार में महिलाएं इसका जवाब लाउडस्पीकर्स के जरिए गीत गाकर देती हैं। इसके बाद वो मशीनगन से गोलियां बरसाती हैं। ये महिलाएं इराक में तैनात हैं।
21 साल की मणि नसरल्लाहपौर यहां तैनात 200 महिलाओं में से एक हैं। वो कहती हैं 'हम उन लोगों को गुस्सा दिलाना चाहते हैं। हम यह बताना चाहते हैं कि हम बिल्कुल भी घबराए हुए नहीं है।'
इस्लामिक स्टेट के कमांडर का कहना है कि हमारे दुश्मन महिला यूनिट को भी निशाना बना रहे हैं। वो जैसे ही गाना शुरू करती हैं तो वहां से मोर्टार दागना शुरू हो जाते हैं। आपको बता दें कि इस्लामिक स्टेट में संगीत और गायन प्रतिबंधित है। महिलाओं पर तो यह नियम सख्ती से लागू किया जाता है। लंबे समय तक यहां महिलाओं को केवल सेक्स की आपूर्ति का माध्यम समझा जाता रहा है।
कर्दिश महिलाएं जिस यूनिट का हिस्सा हैं वहां 600 फाइटर्स शामिल हैं। यह समूह कर्दिस्तान फ्रीडम पार्टी से भी जुड़ा हुआ है। इराकी और कर्दिश समूह को यूएस सेना की भी मदद मिल रही है। यह विलय इस्लामिक स्टेट को मोसुल से बाहर करने के लिए किया गया है। इस समूह का लक्ष्य एक स्वतंत्र कर्दिश राष्ट्र बनाना है जिसका दायरा इराक, इरान, टर्की और सीरिया तक होगा।
नसरल्लाहपौर ने कहा 'हम हमारी मिट्टी के लिए लड़ते हैं। फिर बात इरान के कर्दिस्तान की हो या इराक के। हमें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि हमारी मिट्टी पर दाएश का कब्जा है या फिर किसी और समूह का।'
नसरल्लाहपौर का मानना है 'हम जानते हैं कि दाएश बहुत ज्यादा खतरनाक हैं। मगर हम इस बात की परवाह नहीं करते। वो लोग महिलाओं से डरे हुए हैं।'
27 वर्षीय मेल कमांडर हाजिर बहमानी का कहना है 'हम सौ प्रतिशत बराबर हैं। हमें अपनी महिला लड़ाकों पर गर्व हैं। महिला फाइटर्स को भी छह सप्ताह का कठोर प्रशिक्षण दिया गया है।'
नसरल्लाहपौर ने कहा 'कर्दिश लैंड के साथ ही हम महिलाओं के अधिकारों के लिए भी लड़ रहे हैं। आदमियों की तरह ही मैं पहाड़ों और दुर्गम स्थलों में लड़ाई कर सकती हूं।'