आस्ट्रेलिया में मिला नेपोलियन का जहाज
महान फ्रांसीसी योद्धा नेपोलियन बोनापार्ट का एक जहाज आस्ट्रेलिया में मिला है। ...और पढ़ें
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Publish Date: Mon, 15 Jun 2015 06:04:41 PM (IST)Updated Date: Mon, 15 Jun 2015 06:05:49 PM (IST)

कैनबरा। महान फ्रांसीसी योद्धा नेपोलियन बोनापार्ट का एक जहाज आस्ट्रेलिया में मिला है। 337 टन वजनी "स्विफ्टस्योर" नामक इस जहाज का पता आस्ट्रेलियाई फिल्मकार और टूटे जहाजों की खोज करने वाले बेन क्रॉप ने लगाया है। इस जहाज का इस्तेमाल नेपोलियन ने निर्वासन के दौरान फ्रांस में दोबारा प्रवेश के लिए किया था।
मगरमच्छों से भरा पानी
"द आस्ट्रेलियन" की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तरी क्वीसलैंड से दूर केप यार्क प्रायद्वीप पर गहरे पानी में स्विफ्टस्योर मिला है। लॉकहार्ट नदी से दूर मगरमच्छ से भरे पानी में मौजूद इस जहाज का पता लगाने के लिए क्रॉप ने तैराकी का खतरा मोल लिया। बोल्ट, गिट्टी और मिट्टी के बर्तन के टुकड़ों से वे इस नतीजे पर पहुंचे कि यह स्विफ्टस्योर ही है। क्वीसलैंड के पर्यावरण एवं धरोहर सुरक्षा विभाग के अधिकारी इस दावे की प्रमाणिकता जांच रहे हैं।
1815 का जहाज
यह जहाज 1815 का है। उस समय नेपोलियन इटली से दूर अल्बा द्वीप में निर्वासन में रह रहे थे। इस जहाज के जरिए वे द्वीप से भाग गए थे। अपने देश को दोबारा हासिल करने के लिए उन्होंने जहाज का नाम बदलकर स्विफ्टस्योर रख दिया था। इसके बाद उन्होंने लुईस 18वें को पराजित कर उन्हें निर्वासन में जाने को मजबूर कर दिया।
ऐसे हुआ हादसा
वाटरलू की लड़ाई के बाद ब्रिटेन ने इस जहाज को कब्जे में ले लिया था। जहाज का नाम बदलकर इंग्लैंड-आस्ट्रेलिया जलमार्ग पर इसका इस्तेमाल किया जाने लगा। 1829 में सिडनी से मॉरीशस जाने के क्रम में यह जहाज ग्रेट बैरियर रीफ पर प्रवाल भीत्ति से टकरा कर टूट गया था।
बनानी थी फिल्म
क्रॉप ने नवंबर 2014 में ही इस जहाज का पता लगा लिया था। इस खोज पर फिल्म बनाने की योजना के कारण उन्होंने इसे गुप्त रखा। हालांकि उन्हें यह योजना टालनी पड़ी, क्योंकि जहाज की मौजूदगी वाले क्षेत्र का पानी बिल्कुल सड़ा हुआ और मगरमच्छों से भरा है।