काठमांडू। ईंधन की भीषण किल्लत से जूझ रहे नेपाल ने चीन से पेट्रोलियम पदार्थों के आयात की दिशा में कदम बढ़ाया है। चीन ने नेपाल को एक हजार मीट्रिक टन तेल की आपूर्ति करने की तैयारी में है। नेपाल ऑयल कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने बताया कि पहली खेप कुछ दिनों में काठमांडू पहुंच जाएगी।

सीपीएन-माओवादी के उपाध्यक्ष नारायण काजी श्रेष्ठ ने नेपाल में चीन के राजदूत वू चुंतई से मुलाकात कर मौजूदा ईंधन संकट पर विचार-विमर्श किया। भूकंप में तबाह चीन से लगते तातोपानी और केरुंग नाकों को हाल में ही खोला गया है। नया संविधान लागू होने के बाद से ही मधेशी और थारु समुदाय हिंसक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके चलते भारत से लगते नाकों से आवागमन ठप हो गया है। जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।

ईंधन और दवाओं की कमी की समस्या गहरा गई है। इससे निपटने के लिए श्रेष्ठ ने शुक्रवार को चीन के राजदूत से मुलाकात की थी। प्रधानमंत्री ओली के प्रेस सलाहकार प्रमोद दहाल ने बताया, चीन सरकार ने हाल ही में एक हजार मीट्रिक टन तेल की आपूर्ति करने पर प्रतिबद्धता जताई थी।

मधेशी आंदोलन फिर हिंसक

नेपाल में मधेशियों का आंदोलन फिर से हिंसक हो गया। शनिवार को भारत से लगती सीमा के नजदीक धलकेबार में ज्वाइंट डेमोक्रेटिक मधेशी फ्रंट कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ झड़प हुई। पुलिस की सुरक्षा में जाती बसों पर पथराव के बाद यह टकराव हुआ। प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोल बम भी फेंके।

उत्तेजित लोगों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हवा में 30 राउंड फायरिग करनी पड़ी। इस घटना में 8 यात्री घायल हो गए। इसके अतिरिक्त बरधाहा जिले में भी दोनों पक्षों में भिड़ंत हुई जिसमें छह प्रदर्शनकारी और दो पुलिसकर्मी घायल हो गए।

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