वाशिंगटन। भारतीय मूल के एक वैज्ञानिक के नेतृत्व में खगोलविदों के दल ने हमारे सूरज के द्रव्यमान के तकरीबन 5000 गुना ज्यादा आकार के मध्यम द्रव्यमान वाले एक नए ब्लैक होल की खोज करने में सफलता हासिल की है। यह खोज यूनिवर्सिटी ऑफ मेरीलैंड के धीरज पशाम और नासा के गोड्डार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर के वैज्ञानिकों ने मिलकर की है। इस खोज से ब्लैक होल की एक तीसरी प्रमुख श्रेणी के वजूद का मामला मजबूत होता है।

लगभग सभी ब्लैक होल दो में से किसी एक आकार के होते हैं। पहला, तारकीय द्रव्यमान वाले ब्लैक होल जो हमारे सूरज के द्रव्यमान के कुछ दर्जन गुना वजन के होते हैं या फिर अति द्रव्यमान (सुपरमैसिव) ब्लैक होल जो हमारे सूर्य के द्रव्यमान के लाखों से ले कर कई अरब गुना अधिक वजन के होते हैं।

खगोलविदों का मानना है कि इन दो चरम आकार के अतिरिक्त एक मध्यम आकार के ब्लैक होल का भी वजूद है। लेकिन इसके वजूद के बारे में जानकारी करना बेहद मुश्किल हो रहा था। इसमें शामिल होने लायक मोटे तौर पर पांच-छह प्रतिभागियों का जिक्र आया है। इस खोज ने मध्यम आकार के ब्लैक होल की सूची के लिए एक और प्रतिभागी जोड़ दिया है और साथ ही इस अवधारणा को मजबूती प्रदान की है कि इस तरह के पिंडों का वजूद है।

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