
इस्लामाबाद। पेशावर स्कूल में आतंकी हमले से सावधान हुई शरीफ सरकार आतंक विरोधी रणनीति बनाने में जुट गई है। प्रधानमंत्री नवाज शरीफ बुधवार को सांसदों की बैठक में इस रणनीति को अंतिम रूप देंगे। शरीफ ने साफ कर दिया है कि देश को आतंकियों के रहम पर नहीं छोड़ा जा सकता।
गौरतलब है कि पेशावर हमले के बाद शरीफ ने आतंकवाद से निपटने के उपाय बताने के लिए संसदीय समिति का गठन किया था। समिति ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिस पर बुधवार को शरीफ मुहर लगाएंगे। शरीफ ने कहा कि आतंकवादियों के रहमोकरम पर देश को नहीं छोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा, "हम आतंकवादियों द्वारा किए गए बर्बरतापूर्ण कृत्य को भूल या माफ नहीं कर सकते हैं।" शरीफ ने कहा, "कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा और हमारी लड़ाई आतंकवाद के खिलाफ है।"
सुरक्षा जांच के बाद खोलें संस्थान
सरकार ने पेशावर के कॉलेजों और यूनिवर्सिटी से कहा है कि वे सुरक्षा जांच पूरी होने तक शिक्षण संस्थानों को न खोलें। शिक्षण संस्थानों को पुलिस और उपायुक्त से सलाह लेने के लिए कहा गया है।
इस्लामाबाद में तलाशी अभियान
इस्लामाबाद हवाई अड्डा और आसपास के इलाकों में आतंकी हमले की आशंका के बाद तलाशी अभियान शुरू किया गया है। रावलपिंडी और इस्लामाबाद में आतंकी हमले की चेतावनी के बाद पुलिस और विशेष सुरक्षा बलों ने यह कार्रवाई शुरू की।
हमले की प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार
16 दिसंबर को पेशावर के आर्मी पब्लिक स्कूल पर हुए हमले की प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, लांदी कोटल कस्बे से उस दिन तड़के 11 आतंकी शहर में घुसे थे। उन्होंने स्कूल में साढ़े दस बजे हमला बोल दिया था।
हमले की थी पहले से सूचना
पेशावर के आर्मी स्कूल में हुए हमले से कुछ महीने पहले ही सरकारी विभागों को आतंकी हमले के बारे में आगाह किया गया था। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 28 अगस्त को ही इस संबंध में लिखित चेतावनी जारी की गई थी।